कुरुक्षेत्र। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को हरियाणा दौरे के दौरान कुरुक्षेत्र को करीब 617 करोड़ रुपये की दो बड़ी विकास परियोजनाओं की सौगात दी। जींद से आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम के जरिए प्रधानमंत्री ने 447 करोड़ रुपये की लागत से बने 5.84 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड रेलवे ट्रैक का वर्चुअल लोकार्पण किया और 170 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले हरियाणा के पहले सिख म्यूजियम का शिलान्यास किया।

447 करोड़ का एलिवेटेड रेलवे ट्रैक शुरू, खत्म हुई 5 रेलवे फाटकों की समस्या

एलिवेटेड रेलवे ट्रैक के शुभारंभ के साथ ही कुरुक्षेत्र शहर की वर्षों पुरानी ट्रैफिक समस्या को बड़ी राहत मिली है। इस परियोजना के शुरू होने से झांसा रोड, कच्चा घेर, शास्त्री मार्केट, एलएनजेपी अस्पताल के सामने और थर्ड गेट सहित पांच प्रमुख रेलवे फाटक हमेशा के लिए समाप्त हो गए हैं। अब ट्रेनें ऊंचे ट्रैक से गुजरेंगी, जिससे सड़क यातायात निर्बाध रहेगा।

इस परियोजना की एक और खास उपलब्धि यह है कि हरियाणा का पहला एलिवेटेड रेलवे प्लेटफॉर्म भी इसी स्टेशन पर विकसित किया गया है।

सांसद नवीन जिंदल ने किया निरीक्षण

लोकार्पण के अवसर पर कुरुक्षेत्र रेलवे स्टेशन और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए गए। सांसद नवीन जिंदल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने रेलवे स्टेशन और एलिवेटेड ट्रैक का निरीक्षण कर अधिकारियों को यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए स्टेशन की एंट्री व्यवस्था और बेहतर बनाने के निर्देश दिए।

नवीन जिंदल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने हरियाणा के लिए 15 हजार करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया है, जिससे प्रदेश के बुनियादी ढांचे को नई मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि एलिवेटेड रेलवे ट्रैक शहरवासियों की लंबे समय से चली आ रही मांग थी।

हरियाणा का पहला सिख म्यूजियम बनेगा आकर्षण का केंद्र

प्रधानमंत्री ने इसी कार्यक्रम में 170 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले हरियाणा के पहले सिख म्यूजियम की आधारशिला भी रखी। यह संग्रहालय कुरुक्षेत्र के उमरी रोड पर राष्ट्रीय राजमार्ग-44 के पास लगभग पांच एकड़ भूमि पर बनाया जाएगा।

दो मंजिला इस आधुनिक संग्रहालय में पहले गुरु श्री गुरु नानक देव जी से लेकर दशम गुरु श्री गुरु गोबिंद सिंह जी तक के जीवन, शिक्षाओं, संघर्ष और योगदान को अत्याधुनिक डिजिटल एवं इंटरएक्टिव तकनीक के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा।

पगड़ी के आकार की होगी इमारत, 15 मीटर ऊंचा खंडा साहिब बनेगा आकर्षण

संग्रहालय का डिजाइन भी विशेष होगा। भवन के ऊपर पगड़ी के आकार की संरचना बनाई जाएगी, जबकि परिसर में 15 मीटर ऊंचा घूमता हुआ धातु का खंडा साहिब स्थापित किया जाएगा।

इसके अलावा संग्रहालय में आधुनिक इंटरएक्टिव गैलरियां, ऑडियो-वीडियो शो, डिजिटल डिस्प्ले, रिसर्च सेंटर, लाइब्रेरी, ऑडिटोरियम, ओपन एयर थिएटर, म्यूजिकल फाउंटेन और पार्किंग जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।सरकार का लक्ष्य इस महत्वाकांक्षी परियोजना को करीब तीन वर्षों में पूरा करने का है।