चंकी बाजपेयी, इंदौर/ उमेश यादव, सागर। इंदौर में कंस्ट्रक्शन कारोबारी हितेन ठाकुर से हुई ब्लैकमेलिंग के मामले में परत-दर-परत कई चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। इस हाई-प्रोफाइल मामले में अब बहुचर्चित हनीट्रैप कांड की मुख्य किरदार श्वेता जैन सहित सागर की एक महिला और खुद पुलिस विभाग के एक आरक्षक का नाम सामने आने से हड़कंप मच गया है। क्राइम ब्रांच मोबाइल फोन, उपकरणों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर इस पूरे मायाजाल को खंगालने में जुटी है।

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मुख्य आरोपी अलका और उसके बेटे की गिरफ्तारी

कारोबारी हितेन ठाकुर की शिकायत के बाद हरकत में आई क्राइम ब्रांच ने इस ब्लैकमेलिंग गिरोह के 5 मुख्य आरोपियों को 25 मई तक पुलिस रिमांड पर लिया है। मामले में सबसे पहले अलका दीक्षित और जयदीप दीक्षित की गिरफ्तारी इंदौर से हुई है। पुलिस के मुताबिक अलका दीक्षित इस पूरे मामले की मास्टरमाइंड है। उसी ने सबसे पहले फरियादी हितेन ठाकुर से संपर्क बनाया था। पुलिस ने अलका और उसके बेटे जयदीप को गिरफ्तार कर लिया है।

पीथमपुर से हुई दूसरी गिरफ्तारी

इसके बाद पीथमपुर के लखन चौधरी की गिरफ्तारी हुई। अलका ने ही कारोबारी हितेन ठाकुर की मुलाकात पीथमपुर के लखन चौधरी से एक कथित ‘बिजनेस डील’ के बहाने कराई थी। जहां से ब्लैकमेलिंग का पूरा खेल शुरू होना था।

बहुचर्चित हनीट्रैप कांड से जुड़ी श्वेता जैन की गिरफ्तारी

वहीं मध्य प्रदेश के पुराने और बहुचर्चित हनीट्रैप कांड से जुड़ी श्वेता जैन की भोपाल से हुई इस नए मामले में गिरफ्तारी ने केस को बेहद गंभीर बना दिया है। श्वेता पहले भी इसी तरह के मामलों में लिप्त रही है।

तथाकथित पत्रकार पुलिस शिकंजे में

उज्जैन के रहने वाले एक तथाकथित पत्रकार जितेंद्र पुरोहित को भी पुलिस ने इस सिंडिकेट का हिस्सा होने के आरोप में गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि जितेंद्र ने भी अलका को पीड़ितो से रकम वसूलने के तरीके बताए और षडयंत्र में शामिल हो गया।

सागर की ‘रेशु चौधरी’ की एंट्री, राजनीतिक कनेक्शन की चर्चा

जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है मामले में एक नया मोड़ आता जा रहा है। अब इस मामले में एक ऐसी महिला की एंट्री हुई है जिसे भारतीय जनता पार्टी के मंच पर कई बार देखा गया। पुलिस ने सागर के मकरोनिया क्षेत्र की रहने वाली अभिलाषा उर्फ रेशु चौधरी को पकड़ा है। रेशु चौधरी की एंट्री के बाद से ही सागर के राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मचा हुआ है।

कौन है रेशु चौधरी?

विदेश से पढ़ाई करने के बाद रेशु चौधरी मध्य प्रदेश लौटी थी और अक्सर भोपाल में रुकती थी। सूत्रों के मुताबिक जब श्वेता जैन और अलका दीक्षित जेल में थीं तब भी रेशु चौधरी की उनसे मुलाकात होने की बात सामने आ रही है।

कुछ वर्ष पूर्व रेशु चौधरी को बीजेपी (BJP) के मंचों पर देखा जाता था और सोशल मीडिया पर भी बीजेपी के बड़े नेताओं के साथ उसकी तस्वीरें मौजूद हैं। हालांकि वह पार्टी में किस पद पर थी इसकी पुष्टि अभी नहीं हो पाई है और इस पर स्थानीय स्तर पर कोई भी कुछ बोलने को तैयार नहीं है। पूर्व में भी सागर के कुछ विवादों और झगड़ों में उसका नाम आ चुका है।

पुलिस महकमे के आरक्षक की संदिग्ध भूमिका

इस पूरे गिरोह में खाकी की भूमिका भी संदिग्ध नजर आ रही है। पुलिस ने अपने ही विभाग के आरक्षक विनोद शर्मा को पकड़ा है। विनोद शर्मा के घर से मोबाइल फोन और कई अन्य डिजिटल साक्ष्य जुटाए गए हैं। सूत्रों का कहना है कि संभवतः यह आरक्षक ही इस ब्लैकमेलिंग गैंग को कानूनी दांव-पेचों से बचने और आगे की रणनीति को लेकर गाइड कर रहा था। आपको बता दें कि DCP राजेश त्रिपाठी के मुताबिक फिलहाल रेशु चौधरी और आरक्षक विनोद शर्मा से कड़ी पूछताछ और सबूत जुटाने का काम किया जा रहा है। इन्हें अभी औपचारिक रूप से आरोपी नहीं बनाया गया है।

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मोबाइल और गैजेट्स से मिले कई वीडियो फुटेज

क्राइम ब्रांच ने आरोपियों के पास से कई मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए हैं। सूत्रों के हवाले से खबर है कि पुलिस के हाथ कई आपत्तिजनक वीडियो और फुटेज लगे हैं। पुलिस का कहना है कि ब्लैकमेलिंग सिंडिकेट की हर कड़ी को आपस में जोड़ा जा रहा है। आने वाले दिनों में इन वीडियो फुटेज के आधार पर कई और बड़े चेहरों को आरोपी बनाया जा सकता है।

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