भगवान श्री कृष्ण की टिप्पणी पर सियासी बवाल: अखिलेश यादव की दो टूक- पूरे देश में रद्द हो धीरेंद्र शास्त्री के कार्यक्रम, FIR दर्ज कराने पहुंचे पप्पू यादव
भोपाल। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के विवादित बयान पर सियासी बवाल मचा हुआ है। अब सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि ‘ईशनिंदा’ के लिए कभी क्षमा नहीं किया जा सकता। साथ ही उन्होंने पूरे देश में धीरेंद्र शास्त्री के कार्यक्रम रद्द करने और उनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की मांग की है। इधर, बिहार के सांसद पप्पू यादव ने भी इसका कड़ा विरोध जताया है।
सपा प्रमुख ने बोला तीखा हमला
समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के बयान पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स (X) पर पोस्ट कर लिखा- ‘मानवीय भूलों के लिए तो क्षमा किया जा सकता है, ‘ईशनिंदा’ के लिए कभी नहीं। ऐसे दुष्मुखी लोगों पर आजीवन प्रतिबंध लगाना ही समाज के लिए श्रेयस्कर है। पूरे देश में इनके सभी कार्यक्रम रद्द किये जाएं, नई अनुमति नहीं दी जाए और सार्वजनिक जीवन में हर सच्चा सनातनी इनका पूर्ण बहिष्कार करे, यही इनके अक्षम्य पाप का दंड होना चाहिए, नहीं तो वो भी ईशनिंदा के पाप का भागी बनकर अपना लोक-परलोक बिगाड़ लेगा। अगर दुर्भावना से भरा ऐसा व्यक्ति जीवन भर भी एकांतवास करके अपने किये का पश्चाताप और प्रायश्चित करेगा तो भी कोई भी धर्म प्रधान आस्थावान उसे माफ़ नहीं करेगा। मनुष्य का दंभ इतना भी नहीं होना चाहिए कि वो अपने को ईश्वर से ऊपर समझने लगे। वैधानिक कार्रवाई हो।’
मानवीय भूलों के लिए तो क्षमा किया जा सकता है, ‘ईशनिंदा’ के लिए कभी नहीं। ऐसे दुष्मुखी लोगों पर आजीवन प्रतिबंध लगाना ही समाज के लिए श्रेयस्कर है। पूरे देश में इनके सभी कार्यक्रम रद्द किये जाएं, नई अनुमति नहीं दी जाए और सार्वजनिक जीवन में हर सच्चा सनातनी इनका पूर्ण बहिष्कार करे,…
इधर, बिहार से सांसद पप्पू यादव दिल्ली के पार्लियामेंट थाने में धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने पहुंचे। उन्होंने भगवान कृष्ण को लेकर की गई टिप्पणी पर आपत्ति जताई है। साथ ही पप्पू यादव ने एक्स पर जानकारी भी दी थी कि वह शास्त्री के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराएंगे। उन्होंने लिखा था- ‘भगवान श्रीकृष्ण जी का अपमान किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेंगे! सत्ता संरक्षित टुटपुंजिये फरेबी कथावाचक के ख़िलाफ़ आज मैं मुक़दमा दर्ज कराने जा रहा हूं! कृष्ण कन्हैया जी को अपमानित कर यह मूर्ख बेईमान अब माफ़ी मांगने की नौटंकी कर रहा है। इसे छोड़ेंगे नहीं,सजा दिलाकर ही मानेंगे!’
भगवान श्रीकृष्ण जी का अपमान किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेंगे! सत्ता संरक्षित टुटपुंजिये फरेबी कथावाचक के ख़िलाफ़ आज मैं मुक़दमा दर्ज कराने जा रहा हूं!
कृष्ण कन्हैया जी को अपमानित कर यह मूर्ख बेईमान अब माफ़ी मांगने की नौटंकी कर रहा है।इसे छोड़ेंगे नहीं,सजा दिलाकर ही मानेंगे!
… तुम्हारे वाले बहुत ज्यादा टेढ़े हैं – धीरेंद्र शास्त्री
गौरतलब है कि शिवपुरी के करैरा में श्रीराम कथा के दौरान पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण के स्वरूप की तुलना करते नजर आए। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में वे कहते सुनाई दे रहे हैं कि उनके भगवान सीधे खड़े होते हैं, जबकि ठाकुर जी तीन जगह से टेढ़े होते हैं। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण की बांसुरी बजाने की मुद्रा और वृंदावन धाम का भी जिक्र किया।
इतना ही नहीं, उन्होंने बांसुरी बजाने और भगवान श्रीराम के धनुष चलाने की तुलना करते हुए कहते नजर आए कि बांसुरी बजाना तो खेल है, लेकिन धनुष चलाना कोई खेल नहीं। बागेश्वर बाबा के इस बयान के बाद बहस छिड़ गई। कई लोगों ने इसे धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला बयान बताया, तो कुछ लोग इसे कथा के दौरान किया गया हास्य-विनोद बता रहे है। वहीं इस पर जमकर सियासत भी हुई।
जिसे लोगों ने सिर पर बैठाया, आज वही लोगों को आपस में बांटने का काम कर रहा है!
पहले हिंदू-मुस्लिम के नाम पर लोगों को बरगलाया, अब हिंदू-हिंदू के बीच ही धीरेंद्र शास्त्री अब राम और कृष्ण के बीच मतभेद की बातें कर रहे हैं।
चौतरफा विरोध के बाद पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अपने बयान पर सफाई दी। अपने ऊपर बढ़ते दबाव और विरोध को देखते हुए धीरेंद्र शास्त्री ने सफाई में कहा कि “कभी-कभी हम विनोद में कुछ भी कह जाते हैं, भाव में बोल जाते हैं, उसका अर्थ का अनर्थ मत निकालो। हमारे नाम में भी कृष्ण है। ठाकुर जी तो टेढ़े हैं ही, बंसी वाले। जिससे ज्यादा प्रेम होता है, उससे ऐसी बात कही जाती है। इसको ‘ब्याज स्तुति’ कहते हैं। जैसे गोपियां भ्रमर गीत में भगवान को कपटी तक कहती हैं।”
अपनी सफाई में धीरेंद्र शास्त्री ने तंज कसते हुए यह भी कहा कि आजकल एक नया ट्रेंड चल गया है कि अगर किसी को जल्दी फेमस होना है, तो वह ‘बाबा बागेश्वर का विरोध’ करने लग जाता है। उन्होंने खुद को भगवान का अनन्य भक्त बताते हुए कहा कि वे कभी कृष्ण विरोधी नहीं हो सकते, क्योंकि “जग में सुंदर हैं दो नाम – राम और श्याम।”