रोहतक। हरियाणा में महंगाई के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान रोहतक में हुए विवाद ने अब राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है। ज्ञापन सौंपने के दौरान पुलिस अधीक्षक (SP) गौरव राज पुरोहित और इनेलो विधायक अर्जुन चौटाला के बीच हुई तीखी बहस का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस पूरे घटनाक्रम पर IPS एसोसिएशन ने नाराजगी जताते हुए अर्जुन चौटाला के व्यवहार की कड़ी निंदा की, लेकिन अब इनेलो विधायक ने भी खुलकर जवाब दिया है।

सिरसा में प्रदर्शन के बीच मीडिया से बातचीत करते हुए अर्जुन चौटाला ने दो टूक कहा कि अगर प्रशासन जनता के प्रतिनिधियों के साथ बदतमीजी करेगा तो जवाब भी उसी अंदाज में मिलेगा। उन्होंने कहा कि एक विधायक का प्रोटोकॉल किसी IPS या IAS अधिकारी से बड़ा होता है और जनप्रतिनिधियों का सम्मान होना चाहिए। चौटाला ने साफ शब्दों में कहा कि वे किसी दबाव में आने वाले नहीं हैं।
IPS एसोसिएशन की प्रतिक्रिया पर पलटवार करते हुए अर्जुन चौटाला ने कहा कि एसोसिएशन जितनी निंदा करनी है कर ले, लेकिन पहले यह जवाब दे कि जब IPS अधिकारी वाई पूरन सिंह की आत्महत्या का मामला सामने आया था, तब यह एसोसिएशन कहां थी और उसने चुप्पी क्यों साध रखी थी। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि उस समय अधिकारियों के पक्ष में आवाज क्यों नहीं उठाई गई।
गौरतलब है कि रोहतक में महंगाई और पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के विरोध में प्रदर्शन के दौरान ज्ञापन सौंपने को लेकर अर्जुन चौटाला और SP गौरव राज पुरोहित के बीच तीखी नोकझोंक हो गई थी। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसके बाद मामला राजनीतिक रंग लेता दिखाई दिया।
अब इस बयानबाजी के बाद मामला और गर्मा गया है। एक तरफ IPS एसोसिएशन ने अधिकारी के सम्मान का मुद्दा उठाया है, तो दूसरी ओर अर्जुन चौटाला इसे जनप्रतिनिधियों के सम्मान से जोड़ रहे हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में यह विवाद हरियाणा की राजनीति में और तूल पकड़ सकता है।

