राकेश चतुर्वेदी की कलम से
नरोत्तम मिश्रा ने कमल का बटन दबाया
पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा के इर्द-गिर्द सिमटे रहे दतिया उपचुनाव के मतदान के दिन भी सबसे अधिक चर्चा में मिश्रा ही रहे. एक तरफ पूरे मतदान का जोर चलता रहा तो दूसरी ओर नरोत्तम मिश्रा के मतदान के दौरान का फोटो जमकर वायरल हुआ. नरोत्तम मिश्रा मतदान करने पहुंचे तो उंगली पर स्याही लगवाते समय फोटो-वीडियो जमकर क्लिक हुए. नरोत्तम मतदान करने के बाद बाहर आते, उससे पहले की फोटो वायरल होने लगा. मतदान के बाद किसी ने पूछ लिया कि वोट किसे दिया तो मिश्रा तपाक से बोल बैठे कि कमल के फूल पर मतदान किया, भाजपा को मतदान किया और आशुतोष तिवारी जी को मतदान किया. नरोत्तम मिश्रा ने बीजेपी की जीत का भी दावा किया. नरोत्तम मिश्रा की यह बाइट भी जमकर वायरल हुई. यह जगजाहिर है कि नरोत्तम मिश्रा बीजेपी के वरिष्ठ नेता हैं और पक्के भाजपाई हैं. फिर उनसे पूछे गए सवाल और नरोत्तम मिश्रा के जवाब की चर्चा आज भी जारी है.
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PWD में गजब का भाईचारा, आपस में ही खेल रहे टेंडर टेंडर
मध्य प्रदेश के लोक निर्माण विभाग मतलब PWD में इन दिनों विकास कार्यों से ज्यादा पारिवारिक प्रेम की चर्चा है. मंत्रालय के गलियारों में सुगबुगाहट है कि विभाग के बड़े ठेके और टेंडर अब सिर्फ कुछ खास रसूखदारों की फाइलों तक ही सीमित रह गए हैं. अंदरूनी सूत्रों की मानें तो अफसरों और नेताओं के चहेते ठेकेदार आपस में मिलकर टेंडर-टेंडर खेल रहे हैं. कहा जा रहा है कि हर बड़े प्रोजेक्ट की शर्तें इस तरह तैयार की जाती हैं कि बाहरी या ईमानदार कंपनियां रेस से पहले ही बाहर हो जाएं. इसके बाद घूम-फिरकर टेंडर उन्हीं भाई-भतीजों और करीबियों की झोली में गिरता है, जो पर्दे के पीछे से पूरा सिंडिकेट चला रहे हैं. सड़कों और पुलों के निर्माण का काम अब जनसेवा नहीं, बल्कि अपनों को रेवड़ियां बांटने का जरिया बन चुका है. इस भाई-भतीजावाद के खेल से ईमानदार कांट्रैक्टर्स में भारी नाराजगी है, लेकिन रसूख के आगे सब खामोश हैं. देखना है कि इस अंदरूनी मैच फिक्सिंग पर आलाकमान की नजर कब पड़ती है!
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लिस्ट का इंतज़ार ऐसा…
सियासी गलियारों में इन दिनों एक रहस्यमयी लिस्ट सबसे बड़ी चर्चा बनी हुई है. कहते है परीक्षा हो गई, इंटरव्यू हो गए, मेरिट भी तय हो गई. बस नामों का ऐलान रास्ता भूल गया. दावेदार सुबह उठते ही मोबाइल चेक करते हैं और रात को भी उसी उम्मीद में सोते है. चर्चा है कि फाइल दिल्ली की गलियों में ऐसी घूम रही है जैसे किसी फिल्म की रिलीज डेट टल गई हो. जो टीवी डिबेट में दम दिखाने का सपना देख रहे थे वे अभी भी “बस थोड़ी देर और यही शब्द सुन रहे हैं. सियासी चाय की टपरी से लेकर पार्टी दफ्तर के गलियारों तक बस एक ही चर्चा हो रही है कि आखिर मुहर लगने में इतनी देर क्यों हो रही है. अब सबकी नजर अगले हफ्ते पर टिकी है कि क्योंकि गुमशुदा यह सूची अगले सप्ताह आ सकती है. फिलहाल राजनीति में सबसे ज्यादा इंतजार किसी बयान का नहीं बल्कि उस लिस्ट का हो रहा है.
चुनावी खेल का बम फोड़ दिया…
दतिया उपचुनाव को लेकर सभी राजनीतिक पंडितों को लग रहा था बीजेपी में भीतरघात होगा लेकिन चुनाव के आखिरी वक्त में कांग्रेस में ही बड़ी सेंधमारी की खबरें निकलकर सामने आ गई…. भीतरघात की पूरी स्क्रिप्ट लिखी गई गुरू पूर्णिमा वाले दिन जब दतिया कांग्रेस के एक दिग्गज परिवार ने अपने कार्यकर्ताओं का भोज रखा। इसी दौरान कानाफूसी की गई की चुनाव में नरोत्तम मिश्रा को हराना है….ये बात कांग्रेस प्रत्याशी कुछ देर बाद पता चल गईं थी लेकिन वो चुप रहे वोटिंग के कारण….मतदान के तुरंत अगले दिन उन्होंने खाने के दौरान उनके साथ हुए चुनावी खेल का बम फोड़ दिया…..अब कांग्रेस में रिजल्ट से पहले सियासी बवाल मचा हुआ है …..
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