पंजाब में 2015 में हुए बेअदबी मामलों की सुनवाई चंडीगढ़ जिला अदालत में हुई। इस दौरान मामले की जांच कर रही एसआईटी ने अदालत से आरोपी प्रदीप कलेर को सरकारी गवाह बनाने की अपील की। एसआईटी ने इस संबंध में अदालत में एक अर्जी दाखिल की। प्रदीप कलेर अदालत में पेश हुआ। उसे फरवरी 2024 में गुरुग्राम से गिरफ्तार किया गया था। उस समय वह दर्ज तीनों मामलों में भगोड़ा घोषित था। मामले की अगली सुनवाई 9 जनवरी को होगी।
2015 की बेअदबी घटनाएं
एसआईटी की अपील पर यह मामला फरीदकोट से चंडीगढ़ जिला अदालत में स्थानांतरित किया गया था। 2015 में गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के तीन अलग-अलग मामलों में एसआईटी प्रदीप कलेर को मुख्य साजिशकर्ता मान रही थी। 2020 में अदालत ने उसे भगोड़ा घोषित किया था। उसकी गिरफ्तारी के लिए एसआईटी ने चार टीमें बनाई थीं, जिन्होंने विभिन्न राज्यों में छापेमारी कर उसे पकड़ा।
बेअदबी मामले का मुख्य साजिशकर्ता
आरोपी प्रदीप कलेर को बेअदबी मामले का मुख्य साजिशकर्ता माना गया है। उसने चंडीगढ़ जिला अदालत में बयान दिया था, जिसमें उसने डेरा मुखी राम रहीम और हनीप्रीत सिंह का नाम लिया था। अब आरोपी के वकील ने अदालत में दलील दी कि एसआईटी ने उससे पूछताछ कर ली है और मामले की जांच पूरी हो चुकी है।

पुलिस और आरोपी की दलीलें
वकील का कहना है कि कलेर से कोई आपत्तिजनक सामग्री बरामद नहीं हुई है, ऐसे में उसे जेल में रखना कानून के खिलाफ है। दूसरी ओर, पंजाब पुलिस ने तर्क दिया कि अगर आरोपी को जमानत दी जाती है, तो इससे राज्य की कानून-व्यवस्था बिगड़ सकती है।
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