भारतीय सेना के जवान हवलदार रामबीर सिंह का बीमारी के कारण निधन हो गया। उनके पैतृक गांव में उन्हें पूरे राजकीय सम्मान के साथ विदाई दी गई।

हांसी। जिले के बास अकबरपुर गांव का वीर सपूत हवलदार रामबीर सिंह अब पंचतत्व में विलीन हो गया। भारतीय सेना में कर्तव्यनिष्ठा और सेवा का उदाहरण रहे रामबीर सिंह ने बीमारी से जूझते हुए दिल्ली के एक अस्पताल में इलाज के दौरान अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर ने पूरे गांव समेत क्षेत्रभर को गहरे शोक में डुबो दिया। जिस बेटे ने देश सेवा को अपना धर्म माना, उसकी अंतिम विदाई में हर आंख नम नजर आई।

वर्ष 2009 में भारतीय सेना में क्लर्क पद पर भर्ती हुए हवलदार रामबीर सिंह वर्तमान में कॉर्डिनेस कोर के अंतर्गत आर्मी सप्लाई डिपो, दिल्ली में तैनात थे। सेना में रहते हुए उन्होंने पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ अपनी सेवाएं दीं। परिवार में पत्नी मोनिका, बेटियां भावना और कीर्ति हैं। पिता कलीराम जाट का पहले ही निधन हो चुका है, जबकि बड़े भाई खेती-बाड़ी कर परिवार का सहारा बने हुए हैं। रामबीर सिंह के असामयिक निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

वीर जवान के अंतिम दर्शन के लिए गांव में लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। सेना के जवानों, ग्रामीणों और क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी। पूरे गांव में शोक का माहौल रहा और हर किसी की जुबान पर उनके सरल स्वभाव, कर्तव्यनिष्ठा और देशभक्ति की चर्चा सुनाई दी।

राजकीय सम्मान के साथ हवलदार रामबीर सिंह का अंतिम संस्कार किया गया। सेना के जवानों ने सलामी देकर अपने साथी को अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित की। हरियाणा के इस वीर सपूत की सेवाएं और समर्पण हमेशा याद रखा जाएगा, जबकि उनका जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बना रहेगा।