अविनाश श्रीवास्तव, सासाराम। जिले के चेनारी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले नारायणा गांव में पारिवारिक विवाद के चलते एक बुजुर्ग दादा ने अपने ही पोते को गोली मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया। इस सनसनीखेज वारदात के बाद पूरे इलाके में दहशत और चर्चा का माहौल गर्म हो गया है।
विवाद के बाद खौफनाक कदम
प्राप्त जानकारी के अनुसार, नारायणा गांव में किसी बात को लेकर परिवार के भीतर ही तनाव चल रहा था। विवाद इतना बढ़ गया कि गुस्से में आकर दादा इंद्रदेव सिंह ने आपा खो दिया और अपने ही पोते मृत्युंजय सिंह पर गोली चला दी। गोली लगने से मृत्युंजय लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़े, जिसके बाद परिवार और आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई।
अस्पताल में इलाज और स्थिति
घटना के तुरंत बाद परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों की मदद से घायल मृत्युंजय सिंह को इलाज के लिए चेनारी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) पहुंचाया गया। वहां के डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए वाराणसी रेफर कर दिया। राहत की बात यह है कि ताजा अपडेट के अनुसार घायल पोते की स्थिति अब खतरे से बाहर बताई जा रही है और उनका इलाज जारी है।
पुलिस की कार्रवाई और हथियारों की बरामदगी
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस और प्रशासन की टीम तुरंत हरकत में आई और मौके पर पहुंचकर स्थिति को अपने नियंत्रण में लिया। एसडीपीओ-1 विप्लव कुमार ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी दादा इंद्रदेव सिंह को धर दबोचा।
तलाशी के दौरान पुलिस ने आरोपी के पास से भारी मात्रा में अवैध हथियार और गोला-बारूद बरामद किया है, जिसमें शामिल हैं:
- एक देसी कट्टा
- एक राइफल
- 10 जिंदा कारतूस
- कई छर्रा की गोलियां
- एक खोखा (दगा हुआ कारतूस)
अचानक इतनी बड़ी मात्रा में हथियार मिलने से पुलिस भी हैरान है और इस एंगल से भी जांच की जा रही है कि इन हथियारों का इस्तेमाल किन-किन गतिविधियों में होता था।
सासाराम क्षेत्र में इस तरह की यह कोई पहली घटना नहीं है, बल्कि महज दो दिन पहले ही सासाराम के बड्डी स्थित विश्रामपुर गांव से भी एक ऐसा ही शर्मनाक मामला सामने आया था, जहां एक पिता ने अपने ही पुत्र को गोली मार दी थी। लगातार सामने आ रही इन वारदातों ने पारिवारिक रिश्तों की मर्यादा और सामाजिक ताने-बाने पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। समाजशास्त्रीय दृष्टिकोण से भी लोग इस तरह की बढ़ती हिंसा और सहनशीलता की कमी को लेकर चिंतित हैं और जिले में चर्चा का बाजार गर्म है। पुलिस अब इस पूरे मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी हुई है।


