भोपाल/ झाबुआ। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार को झाबुआ जिले के थंदला स्थित सरकारी महाविद्यालय मैदान में आयोजित स्वयं सहायता समूहों के क्षमता निर्माण और ऋण वितरण कार्यक्रम में शामिल हुए। सीएम ने इस दौरान कहा कि राज्य में महिला सशक्तिकरण का कार्य सरकारी और सामाजिक दोनों स्तरों पर किया जा रहा है। बहनें स्वयं सहायता समूहों को नई शक्ति प्रदान कर रही हैं। कृषि, पशुपालन, बैंक और उद्यम भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। बहनों की सार्थक भूमिका प्रत्येक परिवार में समृद्धि लाती है। राज्य सरकार किसान कल्याण वर्ष मना रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बहनों की शक्ति और आशीर्वाद से यह क्षेत्र प्रगति कर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश में नगर निकायों और पंचायतों में 50 प्रतिशत सीटें बहनों के लिए आरक्षित हैं। सरकारी सेवाओं में 35 प्रतिशत सीटें बहनों के लिए आरक्षित हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोकसभा और राज्यसभा में बहनों के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण प्रणाली के लिए प्रतिबद्ध हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में मध्य प्रदेश तेजी से प्रगति कर रहा है। जब प्रधानमंत्री पड़ोसी राज्य गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में लगातार तीन कार्यकाल तक रहे, तब झाबुआ के आसपास के आदिवासी क्षेत्रों में विकास के अद्भुत कार्य किए गए। गुजरात की शक्ति से पूरी दुनिया परिचित हो गई। प्रधानमंत्री मोदी गरीबों, किसानों, युवाओं और महिलाओं के कल्याण के लिए काम कर रहे हैं। उनके मन में बहनों के लिए विशेष आदर है। उनके माध्यम से स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी बहनों के सशक्तिकरण के लिए 300 करोड़ रुपये के ऋण दिए गए हैं। स्वयं सहायता समूह समृद्धि का मार्ग हैं। यह आत्मनिर्भरता और सामाजिक सशक्तिकरण का एक बड़ा आंदोलन बन रहा है। सहयोग और भागीदारी से समृद्ध होकर बहनें नए रिकॉर्ड बना रही हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि अब हमारी बहनें प्रति माह 10 हजार रुपये तक कमा रही हैं। क्षेत्र की प्रिय बहनें, उद्यमी बहनें, कृषि मित्र सभी आगे बढ़ रही हैं। राज्य में स्वयं सहायता समूहों द्वारा 196 दीदी कैफे चलाए जा रहे हैं। क्षेत्र में स्वयं सहायता समूहों या बहनों द्वारा 85 आजीविका पुस्तकालय चलाए जा रहे हैं। बहनें 150 से अधिक गैर-कृषि आधारित कार्य कर रही हैं। यह आयोजन महिला सशक्तिकरण का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। होल्कर साम्राज्य की रानी लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर ने भील पलटन की स्थापना करके आदिवासी समुदाय में विश्वास दिखाया। रानी दुर्गावती, वीरंगना अवंतीबाई, रानी पद्मावती, वीरंगना रानी लक्ष्मीबाई जैसी बहनों ने सुशासन और बलिदान के माध्यम से देश और क्षेत्र को गौरवान्वित किया।
रोजगार प्रदान करने में प्राथमिकता
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को रोजगार प्रदान करने के लिए लगातार नई पहल कर रही है। मध्य प्रदेश के ग्वालियर जोन में संचार क्षेत्र में एक नई इकाई स्थापित की जाएगी। इससे 14 हजार नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने 17 सितंबर को धार जिले में देश के पहले पीएम मित्र पार्क की आधारशिला रखी। पीएम मित्र पार्क से 3 लाख लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर मिलेंगे। इस पार्क से कपास किसानों को बड़ी संख्या में लाभ होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिवासी क्षेत्रों में दिए गए पट्टों का निशुल्क पंजीकरण भी किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कोई भी धर्म प्रचारक धर्म परिवर्तन नहीं करा पाएगा। स्थानीय निवासियों को अधिक से अधिक गौशालाएं खोलनी चाहिए और दूध उत्पादन बढ़ाना चाहिए। सरकार इन कार्यों के लिए पूर्ण सहयोग दे रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि क्षेत्र में उद्योगों और लघु एवं मध्यम उद्यमों के माध्यम से रोजगार के अवसर सृजित किए जा रहे हैं। अब झाबुआ, धार, अलीराजपुर के लोगों को रोजगार के लिए पलायन करने की आवश्यकता नहीं होगी। आपको यह काम आपके घर पर ही मिलेगा। यहां बड़ी फैक्ट्रियां आएंगी।
स्वयं सहायता समूहों को वितरित की गई राशि
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत स्वयं सहायता समूहों के सशक्तिकरण के लिए 300 करोड़ रुपये के ऋण का वितरण किया। इसमें झाबुआ जिले के 215 स्वयं सहायता समूहों को 10.8 करोड़ रुपये का ऋण भी शामिल है। मुख्यमंत्री ने झाबुआ जिले को 174.64 करोड़ रुपये की 29 विकास परियोजनाओं का भूमि पूजन और 109.17 करोड़ रुपये की 28 विकास एवं अवसंरचना परियोजनाओं का उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को लाभ वितरित किए और मेधावी छात्रों को सम्मानित भी किया। मुख्यमंत्री ने आजीविका मेला प्रदर्शनी का भी निरीक्षण किया।
झाबुआ प्राकृतिक खेती के लिए उपयुक्त है
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि झाबुआ क्षेत्र प्राकृतिक खेती के लिए वरदान है। उन्होंने जैविक खेती करने वाले प्रगतिशील किसानों से बातचीत की। मुख्यमंत्री ने प्राकृतिक और जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए सरकार की विभिन्न योजनाओं और प्रयासों पर भी चर्चा की। महिला किसानों ने कहा कि पिछले दो-तीन वर्षों में प्राकृतिक खेती ने उनके जीवन में बड़ा बदलाव लाया है। राज्य सरकार कृषि कल्याण वर्ष मना रही है। इसमें बहनों की बड़ी भूमिका है। ट्रैक्टर से लेकर ड्रोन तक, हमारी बहनें खेतों में कीटनाशकों का छिड़काव कर रही हैं।
इस वर्ष गेहूं की खरीद में दीदी ने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। मध्य प्रदेश ने पूरे देश में सबसे अधिक गेहूं खरीदा है। प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय कृषि मंत्री के सहयोग से 104 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई। इसमें भी बहनों के समूहों को लाभ मिला। राज्य में ड्रोन दीदी, पशुपालन दीदी, बैंक सखी जैसी 89 बहनें कार्यरत हैं। बहनों ने व्यावसायिक सब्जी उत्पादन, पशुपालन और जैविक खेती में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। महिला किसान संगठनों द्वारा 958 करोड़ रुपये का व्यापार किया गया है। झाबुआ जिले में 11,900 से अधिक स्वयं सहायता समूह एक लाख 56 हजार से अधिक परिवारों को सामाजिक सुरक्षा और आजीविका के अधिकार प्रदान कर रहे हैं। इस क्षेत्र में 64 लाख दीदियां आदिवासी क्षेत्रों में आर्थिक उत्थान के लिए कार्यरत हैं।
समूहों के सशक्तिकरण के लिए 285 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। झाबुआ में कड़कनाथ अब जन-सशक्तिकरण का एक सशक्त माध्यम बन गया है। बहनें मुर्गी पालन, पशुपालन और मछली पालन में प्रगति कर रही हैं। प्रिय बहनों के खाते में प्रति माह 1500 रुपये भेजे जा रहे हैं। हमारी सरकार अपने वादों को पूरा कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि अगले वर्ष से स्वयं सहायता समूहों या बहनों के माध्यम से स्कूली बच्चों को सिले हुए वस्त्र उपलब्ध कराए जाएंगे।
समान नागरिक संहिता
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने सभी धर्मों के लोगों का सम्मान करने के लिए एक समान कानून लागू करने का निर्णय लिया है। इसमें आदिवासी समुदाय को छूट दी गई है। यूसीसी विधेयक विधानसभा में पारित नहीं हो सका।
अपराधियों को फांसी देना
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि झाबुआ और धार में धर्म परिवर्तन करने वालों को कानून के अनुसार दंडित किया जाएगा। महिलाओं के खिलाफ अपराधों को रोकने के लिए प्रत्येक जिले में महिला सुरक्षा डेस्क और महिला पुलिस स्टेशन स्थापित किए जा रहे हैं। महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार करने वालों को फांसी की सजा दी जाएगी। केंद्र सरकार के सहयोग और नक्सलवाद को पूरी तरह से खत्म करने के दृढ़ संकल्प के कारण राज्य के बालाघाट, मंडला और डिंडौरी क्षेत्रों से नक्सलवाद का पूर्णतः उन्मूलन हो चुका है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दी झाबुआ को सौगात
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि झाबुआ में 70 करोड़ रुपये की लागत से आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज का भूमि पूजन किया गया है। अब तक राज्य को ऐसे 9 आयुर्वेदिक कॉलेज नहीं मिले हैं। यहां 35 करोड़ 29 लाख रुपये की लागत से संदीपनी स्कूल शुरू किए जाएंगे। झाबुआ से थांडला तक एक ट्रेन भी चलाई जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि थांडला में हेलीपैड जरूर बनाया जाएगा। हर विधानसभा क्षेत्र में एक खेल स्टेडियम बनाया जाएगा। पद्मावती नदी पर घाट का निर्माण किया जाएगा। छोटी काशी में भी घाट बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने रणजी टीम में चयनित थांडला के क्रिकेटर अर्पित भाटेवारा को ट्रॉफी देकर बधाई दी। मुख्यमंत्री ने किसानों और युवाओं को हेलमेट भी वितरित किए।
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