कुंदन कुमार/पटना। बिहार सरकार में मंत्री प्रमोद चंद्रवंशी ने राज्य और देश से जुड़े दो बेहद संवेदनशील मामलों पर अपनी चुप्पी तोड़ी है। राम मंदिर निर्माण के लिए एकत्रित किए गए चंदे में कथित अनियमितताओं और भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर उन्होंने सरकार का पक्ष स्पष्ट किया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि कानून अपना काम कर रहा है और किसी भी दोषी को बख्शने का सवाल ही पैदा नहीं होता।
राम मंदिर चंदा घोटाले पर जांच जारी
राम मंदिर निर्माण के नाम पर चंदे में हुए कथित घोटाले के आरोपों पर मंत्री ने कहा कि सरकार इस मामले को लेकर बेहद गंभीर है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस पूरे प्रकरण की जांच के लिए एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया है। मंत्री के अनुसार जांच के दायरे में जो भी लोग आ रहे हैं उन पर कानूनी शिकंजा कसा जा रहा है। उन्होंने कहा यह एक आस्था का विषय है और इसमें किसी भी प्रकार की वित्तीय गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जांच दल साक्ष्यों के आधार पर काम कर रहा है और दोषियों को चिह्नित कर उन्हें सलाखों के पीछे भेजा जा रहा है। सरकार इस मामले में पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ कार्रवाई कर रही है।
भरत तिवारी एनकाउंटर: न्याय मिलेगा
वहीं भरत तिवारी एनकाउंटर के सवाल पर मंत्री ने कहा कि यह मामला सरकार की प्राथमिकता में है और वर्तमान में न्यायिक जांच चल रही है। उन्होंने कहा कि विपक्ष या अन्य लोगों द्वारा इस मुद्दे पर की जा रही राजनीति से सरकार का कोई लेना-देना नहीं है। सरकार केवल निष्पक्ष जांच और कानून के शासन पर विश्वास रखती है।
प्रमोद चंद्रवंशी ने पीड़ित परिवार को आश्वस्त करते हुए कहा हमें किसी के बयान की परवाह नहीं है। हमारी प्रतिबद्धता केवल पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की है। न्यायिक जांच की रिपोर्ट आने के बाद जो भी दोषी पाए जाएंगे उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। हम पूरे दावे के साथ कह सकते हैं कि भरत तिवारी के परिवार को न्याय मिलकर रहेगा।
मंत्री के इन बयानों ने स्पष्ट कर दिया है कि बिहार सरकार इन दोनों मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रही है। अब सबकी निगाहें जांंच रिपोर्ट और आगामी कानूनी कार्रवाई पर टिकी हैं।

