कुंदन कुमार, पटना। बांकीपुर से विधायक और जन सुराज के संयोजक प्रशांत किशोर आज मंगलवार को लखीसराय पहुंचे, जहां उन्होंने कल सोमवार को अशोक धाम मंदिर में हुए भगदड़ के शिकार घायलों और उनके परिजनों से सदर अस्पताल में मुलाकात की। पीके ने घटना को दुखद बताते हुए उनका हाल चाल जाना और जल्द से जल्द उनके स्वस्थ होने की कामना की। इसके बाद वह भगदड़ का शिकार हुए मृतकों के परिजनों से मिलने उनके घर भी पहुंचे, जहां उन्होंने पीड़ित परिजनों को ढांढस बंधाया और मृतकों के प्रति अपनी संवेदना जाहिर की।

प्रशासन ने नहीं दिखाई गंभीरता- पीके

घायलों और मृतकों के परिजनों से मुलाकात के बाद प्रशांत किशोर ने सम्राट सरकार और जिला प्रशासन के प्रति अपनी नाराजगी भी दिखाई। पीके ने कहा कि, कल जो दुखद घटना हुई है, लोगों से बातचीत करने के बाद प्रथम दृष्टया ऐसा लग रहा है कि प्रशासन ने इस पूरे प्रकरण और पूरी व्यवस्था को लेकर वह गंभीरता नहीं दिखाई, जो उन्हें दिखानी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि, सरकारी अस्पताल में इलाज की व्यवस्था नहीं होने से घायल मरीजों के परिजन उन्हें प्राइवेट नर्सिंग होम में ले गए। एक निजी नर्सिंग होम में दो घायल आईसीयू में भर्ती हैं। पीके ने इस भगदड़ को प्रशासन की नाकामी बताया।

मुआवजा देकर रफा-दफा करती है सरकार- प्रशांत

प्रशांत किशोर ने इस दौरान बिहार सरकार पर भी निशाना साधा और कहा कि, बिहार में कोई भी दुर्घटना होती है, तो उसको सिर्फ चंद पैसों के मुआवजे के साथ लोग मामले को रफा-दफा कर देते हैं। अभी तक किसी प्रशासनिक अफसर पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। डीएम, एसपी, एसडीएम, डीएसपी, थानेदार किसी पर भी कार्रवाई नहीं हुई है। सात लोगों की जान गई है। एक भी हवलदार और कॉन्स्टेबल भी निलंबित नहीं हुआ है।

इस दौरान पीके ने स्थानीय विधायक विजय कुमार सिन्हा और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह को भी लपेटा। उन्होंने कहा कि, बिहार में कोई भी घटना घटती है, तो अधिकारी और मंत्री सब अपना-अपना पल्ला झाड़ लेते हैं। सरकार ने घटना के बाद भी घायलों के इलाज के लिए सही से व्यवस्था नहीं कराया। विजय सिन्हा आए और किसी जिम्मेदार ठहराने से बचकर निकल गए। केंद्रीय मंत्री ललन सिंह भी यहीं के नेता हैं, उनकी तो संजीदगी भी नहीं दिख रही है।

अधिकारी-मंत्री झाड़ लेते हे पल्ला- पीके

पीके ने कहा कि जब हादसा हुआ तो सदर अस्पताल में एक आयुष के डॉक्टर थे। आज यहां एक भी मरीज नहीं हैं, क्योंकि सदर अस्पताल में न्यूनतम सुविधाएं भी नहीं है। शाम होते होते सभी घायल या तो घर चले गए या फिर प्राइवेट में शिफ्ट हो गए। बिहार में घटना के बाद अधिकारी या मंत्री सब पल्ला झाड़ लेते हैं। अशोक धाम में सावन की सोमवारी पर इतनी भीड़ हमेशा होती है। लेकिन, मैनेजमेंट का इंतजाम नहीं रहता है। घटना के बाद घायलों का ठीक से इलाज भी सरकार ने नहीं करवाया। विजय सिन्हा आए पर किसी को जिम्मेदार ठहराने से बचकर निकल गए। यहीं के नेता ललन सिंह केंद्र में मंत्री हैं। उनकी संजीदगी भी नहीं दिख रही है।

भगदड़ मचने से 7 महिला श्रद्धालुओं की हुई थी मौत

गौरतलब है कि कल लखीसराय स्थित अशोक धाम मंदिर में भगदड़ मचने से 7 महिला श्रद्धालुओं की मौत हो गई। दरअसल सावन का तीसरा सोमवार और नाग पंचमी एक ही दिन होने की वजह से अशोक धाम मंदिर पर श्रद्धालुओं की काफी भीड़ थी। बड़ी संख्या में लोग मंदिर में जल चढ़ाने और पूजा-अर्चना के लिए अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान एक बिजली का एक खंभा गिर गया। खंभा गिरते ही आसपास मौजूद लोगों में दहशत फैल गई और लोग इधर-उधर भागने लगे। इसी क्रम में लोग एक दूसरे के ऊपर गिरने लगे, जिसकी चपेट में आने और दबकर 7 महिला श्रद्धालुओं की मौत हो गई और 25 से अधिक लोग घायल हो गए।

ये भी पढ़ें- ‘किसी भी समय आ सकती है TRE-4 की वैकेंसी’, छात्रों के धरने के बीच शिक्षा मंत्री का बड़ा ऐलान