शब्बीर अहमद, भोपाल। भोपाल ट्रैफिक पुलिस पर एक गर्भवती महिला और उनके परिवार के साथ अभद्र व्यवहार तथा अवैध वसूली का गंभीर आरोप लगा है। पीड़ित आयुष श्रीवास्तव ने इस मामले में डीसीपी ट्रैफिक को लिखित शिकायत दी है और वीडियो जारी कर इंसाफ की गुहार लगाई है।
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शिकायतकर्ता आयुष श्रीवास्तव, निवासी नीलबड़ क्षेत्र, ने बताया कि 30 मार्च 2026 की दोपहर करीब 12:45 बजे वह अपनी गर्भवती पत्नी और 5 वर्षीय बेटे के साथ कार से AIIMS भोपाल जा रहे थे। उनकी पत्नी को पेट में तेज दर्द हो रहा था। रास्ते में ट्रैफिक पुलिस टीम ने उनकी गाड़ी रोकी और ओवरस्पीडिंग का आरोप लगाते हुए ₹5000 की रिश्वत मांगी। पीड़ित का कहना है कि जब उन्होंने चालान कटवाने की बात की, तो पुलिसकर्मियों ने अभद्र व्यवहार शुरू कर दिया और पैसे देने का दबाव बनाया।
आयुष श्रीवास्तव ने आगे बताया, “मैंने अपनी पत्नी की गर्भावस्था और स्वास्थ्य स्थिति बताई, फिर भी पुलिस टीम ने ₹1000 की मांग की। मेरे पास केवल ₹760 थे, जो उन्होंने बिना कोई रसीद या चालान दिए ले लिए।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जब उन्होंने अपने भाई को पैसे मंगवाने के लिए फोन किया, तो पुलिसकर्मी और आक्रामक हो गए तथा अपशब्द कहे। इस घटना से पूरे परिवार को मानसिक तनाव हुआ और अस्पताल पहुंचने में देरी हुई।
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शिकायत में पीड़ित ने बताया कि मौके पर टीम का नेतृत्व एक सब-इंस्पेक्टर कर रहा था। उन्होंने संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल इस पूरे मामले में भोपाल पुलिस विभाग की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। यदि आरोप सही पाए गए तो यह ट्रैफिक पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़ा करता है।


