अजय सैनी,भिवानी। हरियाणा के भिवानी में अवैध अकादमी और प्ले स्कूलों को बंद करवाने की मांग को लेकर निजी स्कूल संचालकों ने मोर्चा खोल दिया है। हरियाणा प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के आह्वान पर आज जिला भर के सभी निजी स्कूल बंद रहे। इस दौरान बड़ी संख्या में स्कूल संचालकों और शिक्षकों ने लघु सचिवालय के बाहर डेरा डाल दिया और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

प्रदेश अध्यक्ष रामअवतार शर्मा ने किया आंदोलन का नेतृत्व

निजी स्कूल वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष रामअवतार शर्मा ने इस आंदोलन का नेतृत्व किया। उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि दो-दो कमरों में चल रही ये अकादमियां और प्ले स्कूल बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। शर्मा ने कहा कि ऐसी संस्थाओं के माध्यम से केवल शिक्षा माफिया पनप रहा है, जो नियमों को ताक पर रखकर दुकानें चला रहे हैं। उन्होंने मांग की है कि ऐसे शिक्षा माफियाओं पर तुरंत एफआईआर दर्ज की जाए और इन अवैध दुकानों को बंद किया जाए।

45 अकादमियां और 106 प्ले स्कूल अवैध रूप से संचालित

प्रदेश अध्यक्ष ने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि भिवानी जिले में वर्तमान में 45 अकादमियां और 106 प्ले स्कूल अवैध रूप से संचालित हो रहे हैं। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। शर्मा ने आरोप लगाया कि कुछ अधिकारी भ्रष्ट हैं और कुछ राजनीतिक दबाव के चलते कार्रवाई करने से कतरा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भिवानी जिला प्रशासन इस मुद्दे पर पंगु क्यों बना हुआ है, इसका जवाब हम जिला उपायुक्त (डीसी) से मांगेंगे।

स्कूल बंद और धरना केवल एक सांकेतिक प्रदर्शन

निजी स्कूल संचालकों ने स्पष्ट किया है कि आज का स्कूल बंद और धरना केवल एक सांकेतिक प्रदर्शन है। यदि प्रशासन ने जल्द ही इन अवैध संस्थानों को बंद नहीं किया, तो यह आंदोलन प्रदेश स्तर पर चलाया जाएगा। गौरतलब है कि एक ओर जहां अभिभावक निजी स्कूलों की महंगी फीस और किताबों के बोझ से परेशान हैं, वहीं अब निजी स्कूल संचालक अकादमियों से मिल रही प्रतिस्पर्धा को लेकर सड़कों पर उतर आए हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन इस पर क्या रुख अपनाता है।