भिवानी के दिनोद गेट स्थित टिबड़ेवाल सभागार के सामने 6 गरीब परिवारों को बेदखल करने के विरोध में अनिश्चितकालीन धरना शुरू हो गया है। विभिन्न सामाजिक और कर्मचारी संगठनों ने पुलिस-प्रशासन सहित आरएसएस और वीएचपी पर बाहुबल के दुरुपयोग का गंभीर आरोप लगाया है।

अजय सैनी, भिवानी। स्थानीय दिनोद गेट स्थित टिबड़ेवाल सभागार के सामने उस समय माहौल बेहद तनावपूर्ण और आक्रोशित हो गया, जब पिछले 65 वर्षों से मेहनत-मजदूरी कर अपनी जीविका चला रहे छह गरीब परिवारों को जबरन और गैर-कानूनी तरीके से बेदखल करने के प्रयास के विरोध में भारी संख्या में लोग सडक़ों पर उतर आए। संयुक्त संघर्ष समिति के नेतृत्व में विभिन्न सामाजिक, राजनैतिक और कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने टिबड़ेवाल सभागार के सामने अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। रविवार को आयोजित इस Protest In Bhiwani For Poor Families की अध्यक्षता ढाणी हरसुख के पूर्व सरपंच जगदीश सैनी ने की। धरने के दौरान प्रदर्शनकारियों का गुस्सा सातवें आसमान पर था और आक्रोशित लोगों ने आरएसएस, विश्व हिंदू परिषद, भिवानी प्रशासन, भिवानी पुलिस और हरियाणा सरकार के खिलाफ जमकर मुर्दाबाद के नारे लगाए और सीधे तौर पर सत्ता और बाहुबल के दुरुपयोग का आरोप लगाया।

वैध किराएदारों को उजाड़ने की साजिश

धरने पर बैठे विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों और मुख्य वक्ताओं ने एक सुर में इस कार्रवाई को अलोकतांत्रिक, गैर-कानूनी और सरासर गुंडागर्दी करार दिया। वक्ताओं के संयुक्त बयान में प्रशासन और कथित रसूखदारों को आड़े हाथों लिया गया। धरने को जनसंघर्ष समिति के संयोजक कामरेड ओमप्रकाश, हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ संबंधित सर्व कर्मचारी संघ से सुखदर्शन सरोहा, बसपा नेता एवं युवा किसान अधिकार समिति के अध्यक्ष पवन ठाकुर, रिटायर्ड कर्मचारी संघ से रामचंद्र सैनी, भारत विकास परिषद हिसार से नीरज सैनी और सैनी कल्याण परिषद के प्रधान भूप सिंह सैनी ने संयुक्त रूप से संबोधित करते हुए कहा कि यह सीधे तौर पर बाहुबल और राजनैतिक रसूख की नंगी ईंट है। उक्त स्थान पर ये 6 गरीब परिवार पिछले छह दशकों से अधिक समय से बतौर वैध किराएदार काबिज हैं। पीड़ितों के पास दुकानों के किराए की पक्की रसीदें और अन्य सभी आवश्यक कानूनी दस्तावेज मौजूद हैं, जो उनके वैध कब्जे की गवाही देते हैं।

पीड़ितों को मिली जान से मारने की धमकी

उन्होंने कहा कि बीते दिन कुछ आरएसएस और विश्व हिंदू परिषद के लोग अपने राजनैतिक प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए कथित पुलिस फोर्स को साथ लेकर मौके पर पहुंचे और पीड़ितों को खुलेआम धमकाया। पीड़ितों को सीधे शब्दों में कहा गया कि अगर आज जगह खाली नहीं की तो सारा सामान उठाकर बाहर फेंक देंगे और अपने दम पर कब्जा ले लेंगे। वे लोग खुलेआम अपनी ऊंची पहुंच की धौंस दे रहे थे कि उनका कोई कुछ नहीं बिगाड़ पाएगा। हम भिवानी की धरती पर यह गुंडागर्दी और तानाशाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे। संगठन प्रतिनिधियों ने मांग की कि कानून अपने हाथ में लेने वाले कथित संगठन के पदाधिकारियों और दबाव बनाने वाले पुलिसकर्मियों पर तुरंत एक्शन हो। 65 साल से काबिज दुकानदारों के कानूनी हक और रोजगार को न उजाड़ा जाए। उन्होंने साफ किया कि यह धरना अनिश्चितकालीन है। जब तक पीड़ितों को पूर्ण न्याय नहीं मिल जाता और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होती, आंदोलन थमेगा नहीं।

मुख्यमंत्री से मुलाकात की चेतावनी

वक्ताओं ने कड़ी चेतावनी दी कि यदि स्थानीय स्तर पर इस गंभीर समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो वे जल्द ही इस गुंडागर्दी के खिलाफ हरियाणा के मुख्यमंत्री से भी मुलाकात करेंगे। इस अवसर पर महात्मा ज्योतिबा फूले जनकल्याण संगठन, सैनी विचार मंच के राष्ट्रीय संयोजक सुरेश सैनी, सैनी सभा हनुमान ढाणी, सैनी सभा नई बस्ती, सैनी सभा सैनी नगर, वरिष्ठ नागरिक जनकल्याण समिति से सत्यनारायण सैनी, शिक्षाविद् राजकुमार सैनी, परमानंद सैनी, ओमप्रकाश सैनी, कमलेश शर्मा, मोहन गुप्ता, अमित दहिया, सरदारा राम सैनी, प्रवीण सैनी, जनार्दन कश्यप, लालचंद जांगड़ा, घनश्याम, संजय नरवाल, सुमित, नवीन, कृष्ण, ओमप्रकाश, प्रवीण बागड़ी, श्याम सुंदर, कृष्ण सैनी सहित अनेक गणमान्य लोग प्रमुख रूप से मौजूद रहे।