हांसी। हरियाणा के हांसी इलाके के चानौत गांव में पीने के पानी की मांग को लेकर पिछले 40 दिनों से चल रहा ग्रामीणों का धरना अब बड़े मोड़ पर आ गया है। चानौत गांव को भाखड़ा नहर की पेयजल पाइपलाइन से टी-कनेक्शन दिलाने की मांग पर अड़े ग्रामीणों की 11 लोगों की कमेटी आज गुरुवार को मुख्यमंत्री से बातचीत करने चंडीगढ़ पहुंच गई है। इस मुलाकात के बाद सालों पुरानी इस समस्या का कोई बड़ा हल निकलने की उम्मीद जताई जा रही है।
इससे पहले चानौत गांव के लोग हांसी शहर के लिए बिछाई जा रही पाइपलाइन से अपने गांव को भी जोड़ने की जिद पर बैठे थे। 20 जून को ग्रामीणों ने खुद ही पाइपलाइन में छेद करके कनेक्शन जोड़ दिया था, जिसे पुलिस और प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर तुरंत हटा दिया था। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में गुस्सा फैल गया था और आज सुबह मसूदपुर में रोड जाम करने की पूरी तैयारी थी, लेकिन मुख्यमंत्री से समय मिलने के बाद इसे रोक दिया गया है।
सरकार ने दिया अलग पाइपलाइन का विकल्प
इस गंभीर मुद्दे पर ग्रामीणों की मंत्रियों और बड़े अधिकारियों के साथ चार दौर की बातचीत पहले ही हो चुकी है जो पूरी तरह फेल रही। सरकार की तरफ से मंत्रियों ने साफ कहा है कि अमृत योजना के तहत शहर के लिए बन रही इस मुख्य लाइन से गांव को पानी देना तकनीकी रूप से संभव नहीं है। इसके बदले सरकार ने ग्रामीणों के सामने एक दूसरा रास्ता रखा है। जल जीवन मिशन के तहत खरकड़ी या राजली हेड से चानौत गांव के लिए बिल्कुल अलग और स्वतंत्र पाइपलाइन बिछाई जाएगी। गांव को बिना किसी रुकावट के पानी मिलता रहे, इसके लिए अलग से बिजली की लाइन, बिजली कटने पर जनरेटर की सुविधा और 50 हॉर्स पावर की बड़ी मोटर भी लगाई जाएगी।
शहर से पहले गांव को पानी देने का वादा
पीडब्ल्यूडी मंत्री ने साफ किया था कि अगर ग्रामीण सरकार के इस नए प्रस्ताव को मान लेते हैं, तो हांसी शहर में पानी की सप्लाई शुरू होने से पहले ही चानौत गांव के घरों तक पेयजल पहुंचा दिया जाएगा। प्रशासन का कहना है कि वे गांव की भलाई के लिए हर मुमकिन कोशिश करने को तैयार हैं। अब पूरे इलाके के लोगों की नजरें चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री और ग्रामीणों के बीच हो रही इस बैठक पर टिकी हैं। हर कोई उम्मीद कर रहा है कि आज की इस चर्चा से कोई न कोई पक्का और शांतिपूर्ण रास्ता जरूर निकल आएगा।

