वार्ड नंबर-8 से पूर्व पार्षद पुनीत राई ने भाजपा द्वारा टिकट न दिए जाने पर निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला किया है। नामांकन के बाद उन्होंने पार्टी नेतृत्व पर योग्य कार्यकर्ताओं की अनदेखी और भाई-भतीजावाद के आरोप लगाए।

संजीव घनगस, सोनीपत। जिले में नगर निगम चुनाव को लेकर सियासी पारा चढ़ता जा रहा है। इसी चुनावी सरगर्मी के बीच शनिवार को वार्ड नंबर-8 से पूर्व पार्षद पुनीत राई ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में अपना नामांकन पत्र दाखिल कर चुनावी रण में ताल ठोक दी है। नामांकन प्रक्रिया पूरी करने के बाद मीडिया से रूबरू होते हुए पुनीत राई ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के खिलाफ जमकर अपनी भड़ास निकाली। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा एक तरफ तो भाई-भतीजावाद मुक्त राजनीति का दावा करती है, लेकिन टिकट वितरण के समय पार्टी अपने इन सिद्धांतों को भूलकर केवल रिश्तेदारों और खास लोगों को प्राथमिकता दे रही है।

टिकट वितरण में भेदभाव और कार्यकर्ताओं की अनदेखी का आरोप

पुनीत राई ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि पार्टी नेतृत्व जमीनी स्तर पर काम करने वाले योग्य कार्यकर्ताओं की अनदेखी कर रहा है, जिससे संगठन के भीतर भारी निराशा है। उन्होंने याद दिलाया कि पिछले चुनाव में भाजपा ने उन्हें टिकट दिया था और उन्होंने किसान आंदोलन जैसी कठिन परिस्थितियों के बावजूद वार्ड-8 में पार्टी का परचम लहराया था। इसके बावजूद, इस बार उन्हें नजरअंदाज कर दिया गया। राई ने आरोप लगाया कि टिकट वितरण में पारदर्शिता का अभाव है और पारिवारिक प्रभाव हावी हो रहा है। उन्होंने समाज और अपने समर्थकों के भारी दबाव के बाद ही निर्दलीय मैदान में उतरने का फैसला लिया है।

मेयर प्रत्याशी को समर्थन और जीत का विश्वास

भाजपा पर निशाना साधने के साथ ही पुनीत राई ने एक दिलचस्प राजनीतिक रुख अपनाते हुए सोनीपत से मेयर पद के प्रत्याशी राजीव जैन का समर्थन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि जिले के विकास के लिए राजीव जैन की जीत आवश्यक है और जनता को उन्हें भारी बहुमत से जिताना चाहिए। पुनीत राई ने विश्वास जताया कि वार्ड नंबर-8 की जनता उनके पिछले कार्यकाल की निष्ठा और सेवा को ध्यान में रखकर उन्हें फिर से अपना प्रतिनिधि चुनेगी। अब देखना यह होगा कि भाजपा के बागी उम्मीदवार के रूप में पुनीत राई की यह निर्दलीय दावेदारी चुनावी समीकरणों को कितना प्रभावित करती है।