चंडीगढ़। पंजाब को गेहूं-धान के पारंपरिक फसल चक्र से बाहर निकालने और किसानों की आय में इजाफा करने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बड़ी पहल की है। मुख्यमंत्री के प्रयासों से अब पंजाब में बासमती के लिए एक उच्च स्तरीय सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किया जाएगा। यह केंद्र न केवल बासमती के उत्पादन को बढ़ाएगा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप कीटनाशकों के कम उपयोग और टिकाऊ खेती को भी सुनिश्चित करेगा।
इस ब्यौरा मुख्यमंत्री मान ने अपने नीदरलैंड दौरे के दौरान दिया। वहां की विभिन्न तकनीकों की जानकारी लेते हुए मुख्यमंत्री ने डच कंपनियों को पंजाब की औद्योगिक एवं व्यापार विकास नीति – 2026 और ‘फास्टट्रैक पंजाब पोर्टल’ के फायदों के बारे में बताते हुए राज्य में निवेश के लिए आमंत्रित किया।

फिनलैंड में बोले-पंजाब के विकास में योगदान दें प्रवासी भारतीय
मुख्यमंत्री मान ने फिनलैंड दौरे के दौरान प्रवासी पंजाबियों से राज्य के बदलाव में सक्रिय भागीदार बनने का आह्वान किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रवासी पंजाबी अपनी विशेषज्ञता से राज्य की आर्थिक गति को तेज करने में प्रेरक की भूमिका निभा सकते हैं। सीएम मान ने डेयरी प्रणालियों, पशु विज्ञान और मूल्यवर्धित खाद्य प्रसंस्करण में फिनलैंड के साथ सहयोग की वकालत की।
हेलसिंकी विश्वविद्यालय के दौरे के दौरान उन्होंने दूध की गुणवत्ता सुधारने और अनाज भंडारण की चुनौतियों (जैसे कीट नियंत्रण और भंडारण नुकसान) पर डच विशेषज्ञता साझा करने पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि एक महत्वपूर्ण पहल के तहत, पंजाब सरकार आंगनवाड़ी और मिड-डे मील कार्यक्रमों में फिनलैंड के सोलिन प्रोटीन को शामिल करने की संभावना तलाशेगी।
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