चंडीगढ़. आगामी जनगणना कार्यों के लिए तैयार की गई आधिकारिक सूची में जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. यह मामला तब और गंभीर हो गया जब राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (NCSC) ने पंजाब के जनगणना संचालन निदेशक को नोटिस जारी कर दिया.
इस विषय में आयोग ने अधिकारियों से जवाब तलब किया है और पूछा है कि सरकारी रिकॉर्ड में इस प्रकार की भाषा का इस्तेमाल क्यों किया गया. साथ ही यह भी जानना चाहा है कि मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ क्या कदम उठाए गए हैं. इसके साथ ही राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने अधिकारियों को निर्धारित समय के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं. आयोग ने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए स्पष्ट नीति और कार्रवाई की जानकारी भी मांगी है.
दलित संगठनों में नाराजगी
आपको बता दे कि इस मामले के प्रकाश में आने के बाद दलित संगठनों और सामाजिक संस्थाओं में बेहद नाराजगी देखने को मिली है. उनका कहना है कि संवेदनशील सरकारी दस्तावेजों में इस तरह के शब्दों का प्रयोग स्वीकार नहीं किया जा सकता. यह पूरी तरह से गलत है.
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