चंडीगढ़. आगामी जनगणना कार्यों के लिए तैयार की गई आधिकारिक सूची में जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. यह मामला तब और गंभीर हो गया जब राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (NCSC) ने पंजाब के जनगणना संचालन निदेशक को नोटिस जारी कर दिया.
इस विषय में आयोग ने अधिकारियों से जवाब तलब किया है और पूछा है कि सरकारी रिकॉर्ड में इस प्रकार की भाषा का इस्तेमाल क्यों किया गया. साथ ही यह भी जानना चाहा है कि मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ क्या कदम उठाए गए हैं. इसके साथ ही राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने अधिकारियों को निर्धारित समय के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं. आयोग ने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए स्पष्ट नीति और कार्रवाई की जानकारी भी मांगी है.
दलित संगठनों में नाराजगी
आपको बता दे कि इस मामले के प्रकाश में आने के बाद दलित संगठनों और सामाजिक संस्थाओं में बेहद नाराजगी देखने को मिली है. उनका कहना है कि संवेदनशील सरकारी दस्तावेजों में इस तरह के शब्दों का प्रयोग स्वीकार नहीं किया जा सकता. यह पूरी तरह से गलत है.
- अखिलेश की परेशानी बढ़ा रहे सपा कार्यकर्ता, बार-बार देनी पड़ रही है संयम बरतने की नसीहत
- नालंदा विश्वविद्यालय ने रचा इतिहास, तीसरे दीक्षांत समारोह में 14 देशों के 219 छात्रों को मिला स्वर्ण पदक
- बस्तर में सुरक्षा कैंप बनेंगे ‘सेवाडेरा’, रोजगार को मिलेगा बढ़ावा, सीएम साय ने कहा- केंद्र सरकार चाहती थी नक्सलवाद का अंत, कांग्रेस ने नहीं दिया साथ
- पेट्रोल-डीजल के दामों में 10 रुपए प्रति लीटर कमी की मांग: पूर्व सीएम बोले- ज्यादा टैक्स ले रही सरकार, जानें कितना है फ्यूल पर TAX
- पंजाब के जनगणना संचालन निदेशक को नोटिस, जानिए क्या है मामला

