शिखिल ब्यौहार, भोपाल। Rajya Sabha Election 2026: राज्यसभा की मध्य प्रदेश से 3 सीटों के लिए होने वाला चुनाव किसी फिल्मी कहानी से कम दिलचस्प नहीं हो रहा है। इस बीच रिटर्निंग ऑफिसर ने प्रत्याशियों की फाइनल सूची जारी कर दी है। लिस्ट में तीनों भाजपा नेताओं तरुण चुग, महेश केवट और रजनीश अग्रवाल का नाम शामिल है। विधानसभा सचिवालय की ओर से रिटर्निंग ऑफिसर ने नोटिफिकेशन जारी किया है।

मीनाक्षी नटराजन ने किया सुप्रीम कोर्ट का रुख
वहीं दूसरी तरफ मीनाक्षी नटराजन ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। मध्य प्रदेश कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने रिटर्निंग ऑफिसर अरविंद शर्मा के खिलाफ विधानसभा में निंदा प्रस्ताव लाने की बात भी कही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री निवास, बीजेपी मुख्यालय, हर जिले में कलेक्टर कार्यालय, जिला भाजपा दफ्तर का घेराव किया जाएगा। पीसीसी चीफ ने बताया कि शुक्रवार को सभी 62 विधायक राष्ट्रपति भवन जाएंगे।
कांग्रेस की राज्यसभा प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त होने के बाद से सियासत गरमा गई है। इस बीच पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने बताया कि अगले 8 दिन तक प्रदेश में प्रदर्शन होंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस विधायक रिटर्निंग ऑफिसर अरविंद शर्मा के खिलाफ विधानसभा में निंदा प्रस्ताव लाएंगे। हर जिले में कांग्रेस पार्टी की ओर से कलेक्टर कार्यालय, जिला बीजेपी कार्यालय का घेराव किया जाएगा। हल जिले में एक सीनियर नेता जाएंगे।
राष्ट्रपति से मिलने के लिए मांगा समय
पटवारी ने कहा कि गुरुवार को हर ब्लाक, मोहल्ले, पंचायत में प्रदर्शन होगा। मुख्यमंत्री निवास, बीजेपी मुख्यालय का भी घेराव करेंगे। वहीं पीसीसी चीफ ने यह भी बताया कि शुक्रवार को सभी 62 विधायक राष्ट्रपति भवन जाएंगे। राष्ट्रपति के सामने बीजेपी के चेहरे को बेनकाब करेंगे। राष्ट्रपति से मिलने का समय मांगा गया है।
बीजेपी की आपत्ति पर नामांकन निरस्त
गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन फॉर्म खारिज कर दिया गया है। बीजेपी ने मीनाक्षी नटराजन पर आपराधिक प्रकरण छुपाने का आरोप लगाया था। भाजपा की आपत्ति पर स्क्रूटनी के दौरान रिटर्निंग ऑफिसर ने नामांकन रद्द करने का फैसला लिया। जिसके बाद कांग्रेस ने मोर्चा खोला और सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया। वहीं कांग्रेस पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने इसकी शिकायत दिल्ली में केंद्रीय चुनाव आयोग से की है। लेकिन यहां से भी मीनाक्षी को राहत नहीं मिली। सेंट्रल इलेक्शन कमीशन ने आपराधिक मामला छुपाने को आधार बनाया और नामांकन को निरस्त माना।

