चंडीगढ़। पंजाब में नशे के मुद्दे को लेकर सियासी घमासान एक बार फिर तेज हो गया है। भाजपा की ओर से 18 सितंबर से प्रस्तावित नशा विरोधी यात्रा से पहले मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भाजपा पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि पंजाब को नशे के लिए लगातार बदनाम किया जा रहा है, जबकि देश के दूसरे हिस्सों से भी नशे की बड़ी-बड़ी खेपें पकड़ी जा रही हैं।

मुख्यमंत्री ने गुजरात के मुंद्रा पोर्ट का उदाहरण देते हुए कहा कि पाकिस्तान सीमा से पंजाब में अक्सर एक-दो किलो, पांच किलो या 10 किलो हेरोइन की खेप पकड़ी जाती है। वहीं, गुजरात के मुंद्रा पोर्ट से तीन-तीन हजार किलो तक की नशे की खेप बरामद हो चुकी है। ऐसे में केवल पंजाब को निशाना बनाने से नशे की समस्या का समाधान नहीं होगा।

मान ने भाजपा से सवाल करते हुए कहा कि यदि नशे के खिलाफ अभियान चलाना है तो 18 सितंबर से पंजाब में यात्रा निकालने से पहले मुंद्रा पोर्ट पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि गुजरात केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का गृह राज्य है।

मुख्यमंत्री के मुताबिक पंजाब पुलिस को जहां भी नशे की खेप के बारे में इनपुट मिलता है, वह कार्रवाई के लिए पंजाब से बाहर भी जाती है। पुलिस ने गुजरात, मध्य प्रदेश और राजस्थान तक जाकर नशे की खेप पकड़ी है। इसलिए नशे के पूरे नेटवर्क और सप्लाई चैन पर कार्रवाई जरूरी है।

पंजाब में पकड़े जाने वाले नशे का मतलब पूरा नशा पंजाब से नहीं

भगवंत मान ने कहा कि एनडीपीएस मामलों में देशभर में बरामद होने वाले नशे में पंजाब की हिस्सेदारी करीब 60 प्रतिशत बताई जाती है, लेकिन इसका यह अर्थ नहीं है कि देश में आने वाला पूरा नशा पंजाब से ही आता है।

उन्होंने कहा कि नशे की सप्लाई के स्रोतों का पता लगाना और दूसरे राज्यों से आने वाली बड़ी खेपों को रोकना भी उतना ही जरूरी है। केवल पंजाब को बदनाम करने से समस्या खत्म नहीं होगी।

पंजाब को अस्थिर करने की कोशिशों का भी किया जिक्र

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब देश का महत्वपूर्ण राज्य है। यहां के किसान देश के लिए अन्न पैदा करते हैं और पंजाब के जवान देश की सीमाओं की सुरक्षा में योगदान देते हैं। पाकिस्तान के साथ पंजाब की करीब 533 किलोमीटर लंबी सीमा है और सीमा पार से राज्य को अस्थिर करने की कोशिशें लगातार होती रहती हैं।

मान ने कहा कि पंजाब भारत का गेटवे है और देश के लिए बेहद अहम है। अगर पंजाब में अशांति पैदा होती है तो उसका असर पूरे देश पर पड़ सकता है।

उन्होंने पंजाब पुलिस की भूमिका का जिक्र करते हुए कहा कि पुलिस केवल राज्य की कानून-व्यवस्था संभालने तक सीमित नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही है। करीब 40 प्रतिशत पंजाब पुलिस बल बीएसएफ के साथ सीमा क्षेत्र में काम कर रहा है।

ड्रोन या किसी संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलने पर पंजाब पुलिस सेना और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय करती है। गृह मंत्रालय, आईबी और अन्य केंद्रीय एजेंसियों के साथ भी लगातार संपर्क बना हुआ है।

गैंगस्टरों के मुद्दे पर कांग्रेस-अकाली दल पर हमला

गैंगस्टर घटनाओं को लेकर कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल द्वारा सरकार पर किए जा रहे हमलों पर भी मुख्यमंत्री ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि विपक्ष की बातें सुनकर उन्हें हंसी आती है।

मान ने कांग्रेस और अकाली दल के पुराने शासनकाल का जिक्र करते हुए कहा कि पंजाब में एक समय ऐसा माहौल था जब लोग शाम होते ही अपने घरों के दरवाजे बंद कर लेते थे। बारातें तक निकलना मुश्किल हो गई थीं और लोगों को डर रहता था कि घर से बाहर गया व्यक्ति सुरक्षित लौटेगा या नहीं।

उन्होंने विपक्ष से अपील की कि ऐसी राजनीति न की जाए जिससे पंजाब दोबारा पुराने दौर में चला जाए। मान ने कहा कि हर घटना पर धरना देने और मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग करने के बजाय विपक्ष को पंजाब के विकास का रोडमैप और प्रदेश की तस्वीर बदलने की योजना सामने रखनी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने विपक्ष की इस राजनीति को ‘गिद्ध राजनीति’ बताते हुए कहा कि जहां थोड़ी सी लाश की बू आती है, वहां सभी पहुंच जाते हैं।

1,234 गैंगस्टर गिरफ्तार, 12 मॉड्यूल का भंडाफोड़

डीजीपी गौरव यादव ने संगठित अपराध के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई का आंकड़ा साझा करते हुए बताया कि मार्च 2022 के बाद अब तक 1,234 गैंगस्टरों को गिरफ्तार किया गया है। इस दौरान 12 गैंगस्टर मॉड्यूल को ध्वस्त किया गया।

पुलिस ने कार्रवाई के दौरान 428 हथियार और 719 वाहन बरामद किए हैं। डीजीपी ने कहा कि मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देश हैं कि अपराध करने के बाद कोई व्यक्ति देश के किसी भी हिस्से या विदेश में जाकर छिप जाए, पंजाब पुलिस उसे कानून के शिकंजे में लाएगी।

इसी रणनीति के तहत महाराष्ट्र, कर्नाटक, नागालैंड और पूर्वोत्तर राज्यों में भी अंतरराज्यीय अभियान चलाए गए।

डीजीपी के मुताबिक सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड, बाबा सिद्दीकी हत्याकांड, राणा बलाचौरिया हत्याकांड और अमृतसर में सरपंच की हत्या समेत कई मामलों में आरोपितों को गिरफ्तार किया गया। संबंधित वित्तीय खातों को भी फ्रीज किया गया।

विदेश भागे अपराधियों की वापसी के लिए OFTC सक्रिय

विदेश भाग चुके अपराधियों को भारत वापस लाने की कार्रवाई को लेकर डीजीपी ने बताया कि जनवरी 2026 में OFTC का गठन किया गया। विदेश में छिपे अपराधियों के खिलाफ पहले रेड कॉर्नर नोटिस के लिए जरूरी दस्तावेज तैयार किए जाते हैं।

इसके बाद खुफिया जानकारी जुटाई जाती है और केंद्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय किया जाता है। संबंधित देश की एजेंसियों के साथ भी कार्रवाई आगे बढ़ाई जाती है।

डीजीपी ने कहा कि यह पूरी प्रक्रिया लंबी और गोपनीय होती है। यदि कार्रवाई की जानकारी समय से पहले बाहर आ जाए तो आरोपी अपना ठिकाना बदल सकता है। उन्होंने बताया कि इस साल अब तक विदेश से 10 भगोड़ों को भारत वापस लाया जा चुका है।

लारेंस बिश्नोई मामले में जांच जारी

लारेंस बिश्नोई से जुड़े सवाल पर डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि इस पहलू की गहराई से जांच की जा रही है। पुलिस के पास सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी डाटा उपलब्ध है।

उन्होंने कहा कि फायरिंग करने वालों तक पहुंचने में पुलिस को महत्वपूर्ण सफलता मिली है। जांच पूरी होने के बाद मामले की पूरी पृष्ठभूमि सामने रखी जाएगी। फिलहाल जांच प्रभावित न हो, इसलिए किसी खास पहलू पर टिप्पणी करना उचित नहीं है।

डीजीपी ने यह भी कहा कि गृह मंत्रालय के स्तर से निर्देश हैं कि यदि किसी व्यक्ति से पूछताछ करनी है तो संबंधित एजेंसी पंजाब आकर तय प्रक्रिया के तहत पूछताछ करे।

आतंकवाद के खिलाफ 92 मॉड्यूल किए ध्वस्त

पंजाब पुलिस ने आतंकवाद के खिलाफ भी बड़ी कार्रवाई का दावा किया है। डीजीपी के मुताबिक अब तक 92 टेरर मॉड्यूल को ध्वस्त किया गया और 86 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया।

पुलिस ने 48 रिपोर्ट किए गए आतंकी मामलों को सुलझाने की बात कही है। हाल ही में हुए ग्रेनेड लाबिंग मामलों में भी आरोपितों की गिरफ्तारी की गई।

इस दौरान पुलिस ने 54 एके-47 राइफल, करीब 600 रिवॉल्वर व पिस्तौल, 38 आईईडी, 28.8 किलो आरडीएक्स, छह आरपीजी और 952 ड्रोन बरामद किए।

हथियारों की सप्लाई रोकने के लिए केंद्र से सहयोग की मांग

मुख्यमंत्री मान ने हथियारों की बरामदगी के मुद्दे पर केंद्र और राज्य के बीच आरोप-प्रत्यारोप के बजाय मिलकर काम करने पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि बीएसएफ केंद्र सरकार के अधीन है और सीमा पर तैनात है। एके-47 जैसे हथियार अपने आप पंजाब तक नहीं पहुंच सकते। इसलिए यह पता लगाना जरूरी है कि हथियारों की सप्लाई किस रास्ते से हो रही है।

मान ने कहा कि हथियार पंजाब पहुंचें या मध्य प्रदेश अथवा देश के किसी दूसरे राज्य में, वे पूरे देश की सुरक्षा के लिए खतरा हैं। इसलिए सप्लाई नेटवर्क को सीमा तक पहुंचने से पहले ही रोकना जरूरी है।

‘युद्ध नशे विरुद्ध’ अभियान में 60,582 एफआईआर

डीजीपी ने बताया कि पंजाब सरकार के ‘युद्ध नशे विरुद्ध’ अभियान के तहत 1 मार्च 2025 से अब तक 60,582 एफआईआर दर्ज की गई हैं। इस दौरान करीब 80 हजार लोगों को गिरफ्तार किया गया।

गिरफ्तार आरोपितों में 708 बड़े नशा तस्कर शामिल हैं। इनसे दो किलो से अधिक हेरोइन बरामद हुई।

पुलिस के अनुसार अभियान के दौरान कुल 3,803 किलो हेरोइन बरामद की गई, जो देश में बरामद कुल हेरोइन का करीब 60 प्रतिशत बताई गई है। इसके अलावा 78 लाख टैबलेट और कैप्सूल, 46 टन पोपी हस्क तथा 976 किलो अफीम बरामद हुई।

306 करोड़ की संपत्ति फ्रीज, 102 हवाला ऑपरेटर गिरफ्तार

नशे के आर्थिक नेटवर्क पर भी पुलिस ने कार्रवाई की है। डीजीपी के मुताबिक एनडीपीएस एक्ट की धारा 68 के तहत देश में हुई प्रॉपर्टी फ्रीजिंग में पंजाब की हिस्सेदारी करीब 62 प्रतिशत रही।

वित्त मंत्रालय की सक्षम अथॉरिटी ने 914 प्रस्तावों को मंजूरी दी और करीब 306 करोड़ रुपये की संपत्ति फ्रीज की गई।

इसके अलावा 102 हवाला ऑपरेटर गिरफ्तार किए गए और 11 करोड़ रुपये की हवाला राशि बरामद की गई।

पंजाब में एनडीपीएस मामलों की कन्विक्शन रेट 89 प्रतिशत बताई गई। 1 मार्च 2025 के बाद अदालतों ने 13,403 मामलों में फैसला सुनाया, जिनमें 11,981 मामलों में आरोपितों को सजा हुई।

AI डेटाबेस से करीब 4 लाख आरोपितों की गिरफ्तारी

डीजीपी ने बताया कि पंजाब देश का पहला राज्य था जिसने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित क्राइम डेटाबेस तैयार किया। इस डेटाबेस में अब तक 4.60 करोड़ सर्च किए जा चुके हैं।

पुलिस का दावा है कि इस तकनीक की मदद से करीब चार लाख आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है।

नशे के खिलाफ आम लोगों की भागीदारी बढ़ाने के लिए सेफ पंजाब हेल्पलाइन और विलेज डिफेंस कमेटियों को भी सक्रिय किया गया है। करीब 16 हजार कमेटियों में लगभग डेढ़ लाख लोग जुड़े हैं।

हेल्पलाइन के माध्यम से मिलने वाली सूचनाओं में करीब 40 प्रतिशत को एफआईआर में बदले जाने की बात कही गई है।

गैंगस्टरों पर 10 लाख रुपये तक का इनाम

डीजीपी के मुताबिक अप्रैल 2022 में एजीटीएफ का गठन किया गया था। एजीटीएफ हेल्पलाइन पर बड़ी संख्या में गुमनाम सूचनाएं प्राप्त हो रही हैं।

पुलिस ने 28 गैंगस्टरों पर 10 लाख रुपये तक का इनाम घोषित किया है। सरकार की इनाम नीति के तहत अब तक पुलिस अधिकारियों और आम नागरिकों समेत 2,362 लोगों को कुल 3.33 करोड़ रुपये का इनाम दिया जा चुका है।

ड्रोन की जानकारी देकर उसकी बरामदगी में मदद करने वाले व्यक्ति को 25 हजार रुपये का नकद इनाम दिया जाता है।

हैदराबाद में पंजाब के ‘युद्ध नशे विरुद्ध’ मॉडल की चर्चा

डीजीपी ने बताया कि हाल में हैदराबाद स्थित नेशनल पुलिस अकादमी में देशभर के आईजी, एडीजी और डीआईजी स्तर के अधिकारियों के सामने पंजाब के ‘युद्ध नशे विरुद्ध’ अभियान की रणनीति और उसके परिणामों की प्रस्तुति दी गई।

उन्होंने कहा कि पंजाब के एनडीटीएफ मॉडल को दूसरे राज्य भी समझने और अपनाने में रुचि दिखा रहे हैं।

डीजीपी ने कहा कि पंजाब पुलिस का उद्देश्य सिर्फ नशे की खेप पकड़ना नहीं है, बल्कि ड्रग तस्करी के पूरे नेटवर्क और उसके आर्थिक आधार को खत्म करना है।

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी कहा कि पंजाब को नशामुक्त और शांतिपूर्ण राज्य बनाने के लिए सरकार की ओर से हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।