चंडीगढ़। पंजाब सरकार ने राज्य में ठेकेदारी प्रथा समाप्त करने की दिशा में बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया है। इस संबंध में प्रस्ताव को पंजाब कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने जानकारी देते हुए कहा कि आगामी मानसून सत्र में इस विषय पर विधेयक पेश किया जाएगा, जिसके बाद इसे कानूनी रूप दिया जाएगा।
सरकार के इस फैसले से राज्यभर में विभिन्न विभागों में ठेके के आधार पर कार्यरत करीब 65 हजार कर्मचारियों को बड़ा लाभ मिलेगा। प्रस्ताव लागू होने के बाद ये कर्मचारी सीधे संबंधित सरकारी विभागों के अधीन कार्य करेंगे और उन्हें स्थायी कर्मचारियों के समान सुविधाएं मिलने का रास्ता साफ होगा।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि उनकी सरकार कर्मचारियों के हितों की रक्षा और रोजगार व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने इसे आम लोगों और कर्मचारियों के हित में लिया गया महत्वपूर्ण निर्णय बताया।

पंजाब कैबिनेट द्वारा प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद अब जल्द ही अध्यादेश (ऑर्डिनेंस) जारी किए जाने की संभावना है। इसके बाद मानसून सत्र में विधेयक लाकर ठेकेदारी प्रथा को समाप्त करने की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जाएगा।
सरकार के इस फैसले को कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत और पंजाब के प्रशासनिक ढांचे में एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।
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