खडूर साहिब। पंजाब के हलका खडूर साहिब के अंतर्गत आने वाले गांव वेईंपूईं में एक गरीब दलित परिवार के घर को कथित तौर पर आग लगाने और इस मामले में आरोपियों के खिलाफ पुलिस द्वारा कार्रवाई न किए जाने को लेकर राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (नई दिल्ली) ने कड़ा रुख अपनाया है। शिरोमणि अकाली दल के पूर्व विधायक रविंदर सिंह ब्रह्मपुरा की शिकायत और पैरवी पर संज्ञान लेते हुए आयोग ने जिला पुलिस प्रमुख (एसएसपी) को फिर से नोटिस जारी किया है। आयोग ने पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर पेश करने के सख्त निर्देश दिए हैं।

दो बार नोटिस के बाद भी पुलिस ने नहीं दिया जवाब, आयोग ने माना गंभीर

राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने इस बात पर सख्त नाराजगी जाहिर की है कि पुलिस प्रशासन द्वारा मामले को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। आयोग ने स्पष्ट किया कि इससे पहले 20 अप्रैल 2026 और फिर 7 मई 2026 को भी इस मामले में रिपोर्ट मांगी गई थी, लेकिन पुलिस की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया। आयोग ने इसे बेहद गंभीरता से लिया है।

सत्ता के नशे में चूर विधायक के इशारे पर काम कर रही पुलिसः ब्रह्मपुरा

पूर्व विधायक रविंदर सिंह ब्रह्मपुरा ने मौजूदा सरकार और स्थानीय प्रशासन पर तीखे आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि हलके का एक नया-नया बना विधायक अपनी ताकत के नशे में इतना अंधा हो चुका है कि उसके गुर्गे सरेआम गरीबों और दलित परिवारों के साथ धक्काशाही (उत्पीड़न) कर रहे हैं। ब्रह्मपुरा ने आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन भी मौजूदा विधायक के इशारे पर मूकदर्शक बना हुआ है और आरोपियों के खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई नहीं कर रहा है।