पंजाब सरकार के नशा विरोधी मुहिम ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ को भारी समर्थन देते हुए, प्रदेशभर की 3000 से अधिक पंचायतों ने नशों के खिलाफ प्रस्ताव पारित कर, राज्य से नशे की समाप्ति के लिए पंजाब पुलिस द्वारा चलाए जा रहे अभियान को एक महत्वपूर्ण मोड़ पर पहुंचा दिया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में चलाया जा रहा यह अभियान अब एक जन आंदोलन में बदल गया है, और प्रदेशभर के गांव एवं कस्बे पूरी निष्ठा और सक्रियता से इसका हिस्सा बन रहे हैं।
गौरतलब है कि नशा तस्करों के खिलाफ चल रही इस मुहिम के तहत पंजाब पुलिस ने डायरैक्टर जनरल ऑफ पुलिस (डी.जी.पी.) पंजाब गौरव यादव के नेतृत्व में एक विशेष नशा विरोधी जागरूकता अभियान भी शुरू किया है, ताकि इस गंभीर समस्या के खिलाफ लड़ाई में आम जनता की आवश्यक एवं सशक्त भागीदारी सुनिश्चित की जा सके। इस संबंध में जानकारी सांझा करते हुए, विशेष डी.जी.पी. (कानून एवं व्यवस्था) अर्पित शुक्ला ने बताया कि इस विशेष अभियान के तहत पुलिस कमिश्नरों और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों (सी.पीज./एस.एस.पीज.) को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने जिलों में जनसंपर्क कार्यक्रम, छात्रों के साथ बैठकें एवं विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन करें, ताकि आम जनता, युवाओं, गैर-सरकारी संगठनों (एन.जी.ओ.), क्लबों आदि को इस अभियान से जोड़ा जा सके।

उन्होंने बताया कि ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ मुहिम की शुरूआत से अब तक 3022 पंचायतें नशे की लानत से निपटने, पुनर्वास प्रयासों को समर्थन देने और समाज से नशों को जड़ से खत्म करने के लिए पुलिस-जनता सहयोग का प्रमाण देते हुए प्रस्ताव पारित कर चुकी हैं। विशेष डी.जी.पी. अर्पित शुक्ला ने कहा कि जनता के भारी समर्थन ने पूरे प्रदेश में सख्ती से छापेमारी कर रही पंजाब पुलिस के प्रयासों को और अधिक मजबूती दी है।
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