चंडीगढ़। पंजाब में 26 मई नगर परिषदों और नगर पंचायतों का चुनाव होना है । इसमें पूरी पारदर्शिता के साथ काम हो इसके लिए पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने चुनाव प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के निर्देश जारी किए हैं। हाई कोर्ट ने आदेश दिया है कि राज्य के सभी पोलिंग बूथों के अंदर और बाहर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं। इसके साथ ही उन कैमरों में होने वाले रिकॉर्डिंग कम से कम एक वर्ष तक सुरक्षित रखी जाए।
अदालत ने साफ कहा है कि किसी भी स्थिति में संबंधित फुटेज को बिना अनुमति नष्ट नहीं किया जा सकेगा। जस्टिस हरसिमरन सिंह सेठी और जस्टिस दीपक मंचंदा की खंडपीठ ने विभिन्न याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान यह आदेश पारित किए। याचिकाओं में आरोप लगाया गया था कि नगर निकाय चुनावों में गड़बड़ी, दबाव और अनधिकृत हस्तक्षेप की आशंका बनी हुई है। ऐसे में स्वतंत्र एवं निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था जरूरी है।
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से अदालत को बताया गया कि मतदान केंद्रों, मतगणना स्थलों और वोटों के स्टोरेज क्षेत्रों में सीसीटीवी निगरानी अनिवार्य की जानी चाहिए। साथ ही वरिष्ठ आईएएस, पीसीएस और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को ऑब्जर्वर नियुक्त कर पूरी चुनाव प्रक्रिया पर नजर रखने की मांग भी की गई।
पंजाब सरकार ने लिया फैसला इस पूरे मामले में पंजाब सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता ने अदालत को जानकारी दी कि राज्य चुनाव आयोग पहले ही मतदान केंद्रों और मतगणना स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने का निर्णय ले चुका है। इसके अतिरिक्त वरिष्ठ अधिकारियों को पोल ऑब्जर्वर के रूप में नियुक्त किया गया है, जो चुनाव प्रक्रिया की निगरानी कर अपनी रिपोर्ट राज्य चुनाव आयोग को सौंपेंगे।
- युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को नहीं बख्शा जाएगा- केशव प्रसाद मौर्य
- छत्तीसगढ़ में सड़क सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम: सरकार और IIT मद्रास के बीच ऐतिहासिक एमओयू, डेटा-आधारित हाइपरलोकल इंटरवेंशन कार्यक्रम शुरू
- खनन माफिया का आतंक: पटवारी पर किया जानलेवा हमला, हाथ हुआ फ्रैक्चर
- बद्रीनाथ मंदिर चढ़ावा चोरी : कुबेर खजाने तक पहुंची SIT, नकदी, सोना-चांदी और अभिलेखों की हुई जांच
- राम मंदिर चढ़ावा गबन : संत समाज ने कहा- कुछ लोगों की गलती से पूरे ट्रस्ट को बदनाम करना गलत


