चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने राज्य की महिलाओं के हित में एक बड़ा और ऐतिहासिक ऐलान किया है। मुख्यमंत्री द्वारा राज्य की पात्र महिलाओं को आगामी 1 जुलाई से ‘मुख्यमंत्री मावां-धियां सत्कार योजना’ के तहत वित्तीय सहायता देने की आधिकारिक घोषणा की गई है। इस महत्वाकांक्षी योजना को सुचारू रूप से लागू करने के लिए मान सरकार ने 9,300 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट भी आवंटित कर दिया है।
योजना के क्रियान्वयन की प्रगति की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि इस विशेष पहल का मुख्य उद्देश्य राज्य की महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता को मजबूत करना है ताकि वे समाज में पूरे आत्म-सम्मान के साथ अपना जीवन व्यतीत कर सकें।

हर महीने मिलेंगे 1000 और 1500 रुपये, सीधे खाते में आएगी राशि

मुख्यमंत्री ने योजना की रूपरेखा साझा करते हुए बताया कि इस योजना के तहत वित्तीय सहायता को दो श्रेणियों में बांटा गया है सामान्य/पात्र महिलाएं: पंजाब की प्रत्येक पात्र महिला को 1,000 रुपये प्रति माह की वित्तीय सहायता दी जाएगी। वहीं अनुसूचित जाति (SC) वर्ग की महिलाएं: इस श्रेणी से संबंधित महिलाओं को विशेष तौर पर 1,500 रुपये प्रति माह की आर्थिक मदद मिलेगी।
पेंशनधारियों को भी मिलेगा लाभ: मुख्यमंत्री ने साफ किया कि यह राशि बिना किसी देरी के ‘डीबीटी’ के जरिए सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाएगी। सबसे खास बात यह है कि जो महिलाएं पहले से ही बुढ़ापा या विधवा पेंशन जैसी सामाजिक सुरक्षा पेंशन का लाभ ले रही हैं, वे भी इस योजना का लाभ उठाने के लिए पूरी तरह पात्र होंगी।

“यह राशि महिलाओं को अमीर नहीं, आत्मनिर्भर और सम्मानित बनाएगी”

इस योजना के सामाजिक महत्व पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री मान ने बेहद भावुक शब्दों में कहा, “भले ही यह वित्तीय सहायता महिलाओं को बहुत अमीर नहीं बनाएगी, लेकिन यह उन्हें समाज में एक बड़ा आत्म-सम्मान जरूर प्रदान करेगी। महिलाएं समाज में सबसे अधिक सम्मान की हकदार हैं क्योंकि वे स्वयं जीवन का स्रोत हैं। माताओं और बहनों के आशीर्वाद से दुनिया की हर बड़ी चुनौती को पार किया जा सकता है।” उन्होंने आगे कहा कि आर्थिक फैसलों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने और लैंगिक समानता (Gender Equality) को बढ़ावा देने के लिए उनकी वित्तीय स्वतंत्रता बेहद जरूरी है।

पंजीकरण प्रक्रिया हुई तेज, इन्हें सौंपी जिम्मेदारी
राज्य भर में चल रही रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया के बारे में जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि पंजाब में इसका काम पहले ही सक्रियता से शुरू हो चुका है और हर दिन लाखों महिलाओं के नाम दर्ज किए जा रहे हैं।

2 लाख सत्कार सखियां तैनात: अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाओं (जिन्हें 1,500 रुपये प्रति माह मिलना है) की सही पहचान और उनके पंजीकरण की अहम जिम्मेदारी करीब दो लाख महिला ‘सत्कार सखियों’ को सौंपी गई है।
यहां हो रहा है रजिस्ट्रेशन: यह पंजीकरण प्रक्रिया आंगनबाड़ी केंद्रों, सरकारी सेवा केंद्रों और संबंधित जिलों के उपायुक्तों (DC) द्वारा विशेष रूप से निर्धारित किए गए अन्य स्थानों के माध्यम से बेहद सुव्यवस्थित ढंग से की जा रही है।