जालंधर. राज्यसभा सांसद और पर्यावरण प्रेमी संत बलवीर सिंह सीचेवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान को पत्र लिखकर बाढ़ प्रभावित किसानों के लिए मुआवजे की मांग की है। उन्होंने मांग की है कि बाढ़ से तबाह हुई फसलों का उचित मुआवजा दिया जाए और प्रभावित किसानों के बैंक कर्ज की किश्तों को स्थगित किया जाए।
संत सीचेवाल ने अपने पत्र में लिखा कि पंजाब के मंड क्षेत्र में हर दूसरे या तीसरे साल बाढ़ के कारण किसानों की हजारों एकड़ फसलें बर्बाद हो जाती हैं। उन्होंने कहा कि जब फसलें ही नष्ट हो गई हैं, तो किसान कर्ज की किश्तें कैसे चुकाएंगे। उन्होंने सरकार से अनुरोध किया कि प्रभावित किसानों के खेतों का निरीक्षण करवाकर नुकसान का आकलन किया जाए।
संत सीचेवाल ने हाल ही में ब्यास नदी के किनारे बाऊपुर जाकर राहत कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि ब्यास नदी में बने अस्थायी बंधों को करमूवाल पत्तन, बाऊपुर और आहली कलां में क्षति पहुंच रही है। किसान दिन-रात इन बंधों को बचाने में जुटे हैं।
उन्होंने बताया कि कपूरथला और तरनतारन जिलों के मंड क्षेत्र, जो ब्यास नदी के बीच टापूनुमा है, में लगभग 16 गांव बुरी तरह प्रभावित हैं। हिमाचल प्रदेश और पंजाब में पिछले कई दिनों से हो रही बारिश के कारण स्थिति और गंभीर हो गई है। संत सीचेवाल ने मांग की कि पंजाब सहित देश के सभी उन किसानों की मदद की जाए, जिनकी फसलें इस बाढ़ से नष्ट हुई हैं।
जालंधर. राज्यसभा सांसद और पर्यावरण प्रेमी संत बलवीर सिंह सीचेवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान को पत्र लिखकर बाढ़ प्रभावित किसानों के लिए मुआवजे की मांग की है। उन्होंने मांग की है कि बाढ़ से तबाह हुई फसलों का उचित मुआवजा दिया जाए और प्रभावित किसानों के बैंक कर्ज की किश्तों को स्थगित किया जाए।
संत सीचेवाल ने अपने पत्र में लिखा कि पंजाब के मंड क्षेत्र में हर दूसरे या तीसरे साल बाढ़ के कारण किसानों की हजारों एकड़ फसलें बर्बाद हो जाती हैं। उन्होंने कहा कि जब फसलें ही नष्ट हो गई हैं, तो किसान कर्ज की किश्तें कैसे चुकाएंगे। उन्होंने सरकार से अनुरोध किया कि प्रभावित किसानों के खेतों का निरीक्षण करवाकर नुकसान का आकलन किया जाए।

संत सीचेवाल ने हाल ही में ब्यास नदी के किनारे बाऊपुर जाकर राहत कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि ब्यास नदी में बने अस्थायी बंधों को करमूवाल पत्तन, बाऊपुर और आहली कलां में क्षति पहुंच रही है। किसान दिन-रात इन बंधों को बचाने में जुटे हैं।
उन्होंने बताया कि कपूरथला और तरनतारन जिलों के मंड क्षेत्र, जो ब्यास नदी के बीच टापूनुमा है, में लगभग 16 गांव बुरी तरह प्रभावित हैं। हिमाचल प्रदेश और पंजाब में पिछले कई दिनों से हो रही बारिश के कारण स्थिति और गंभीर हो गई है। संत सीचेवाल ने मांग की कि पंजाब सहित देश के सभी उन किसानों की मदद की जाए, जिनकी फसलें इस बाढ़ से नष्ट हुई हैं।
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