पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शुक्रवार को सरपंचों से अपील की कि वे संकीर्ण सोच से ऊपर उठकर गांवों के सर्वांगीण विकास के लिए पूरे मन से काम करें।
‘सरपंच मिलनी’ कार्यक्रम के दौरान, मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि 15 अगस्त से सरपंचों को हर महीने 10,000 रुपये का मानदेय मिलेगा। पंजाब में अगले साल के आरंभ में विधानसभा चुनाव होने हैं।
मुख्यमंत्री ने उनसे यह भी कहा कि वे सरकारी फंड का पारदर्शी तरीके से इस्तेमाल करें, गुटबाजी खत्म करें, आपसी भाईचारा बढ़ाएं और गांवों को नशा-मुक्त, साफ-सुथरा, हरा-भरा एवं प्रदूषण-मुक्त बनाने की कोशिशों का नेतृत्व करें।
मान ने एक सभा में कहा, ‘‘पंचायतों को लोकतंत्र की नींव माना जाता है क्योंकि उनके पास बहुत ताकत होती है और उनके फैसलों का पूरा गांव सम्मान के साथ पालन करता है। ग्रामीणों के हितों की रक्षा करना और उनकी उम्मीदों का सम्मान करना हर सरपंच का अहम कर्तव्य है।’’
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार नीतियां बनाती है, जबकि सरपंच और पंच उन्हें ज़मीनी स्तर पर लागू करने में अहम भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं सभी सरपंचों से अपील करता हूं कि वे आज से ही विकास कार्यों के लिए खुद को फिर से समर्पित करें ताकि लोगों को इसका भरपूर लाभ मिल सके।’’
उन्होंने कहा कि 15 अगस्त से सरपंचों का मानदेय 2,000 रुपये से बढ़ाकर 10,000 रुपये प्रति माह कर दिया जाएगा।
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