चंडीगढ़। पंजाब सरकार ने अनुसूचित जाति (SC) विद्यार्थियों की शिक्षा को आर्थिक मजबूती देने के लिए प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना को और व्यापक बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। सरकार का फोकस ऐसे परिवारों के बच्चों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने पर है, जिनके लिए स्कूल की पढ़ाई का खर्च उठाना चुनौती बन जाता है।

वर्ष 2025-26 के दौरान पंजाब में 94,092 विद्यार्थियों को प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना का लाभ मिला। इन विद्यार्थियों के लिए राज्य सरकार की ओर से 13.30 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई।

2026-27 में बढ़ेगा छात्रवृत्ति योजना का दायरा

सामाजिक न्याय, अधिकारिता एवं अल्पसंख्यक मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि सरकार आने वाले वित्तीय वर्ष में इस योजना को और विस्तार देने पर काम कर रही है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 1,17,142 SC विद्यार्थियों को योजना का लाभ देने का लक्ष्य रखा गया है।

इसके लिए सरकार ने 40 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित किया है। प्रस्तावित बजट पिछले वर्ष जारी की गई राशि के मुकाबले काफी अधिक है, जिससे अधिक संख्या में पात्र विद्यार्थियों तक आर्थिक सहायता पहुंचाने की योजना है।

पढ़ाई बीच में छोड़ने से रोकना सरकार का लक्ष्य

सरकार का कहना है कि आर्थिक तंगी किसी बच्चे की शिक्षा में रुकावट न बने, इसी उद्देश्य से छात्रवृत्ति योजनाओं को मजबूत किया जा रहा है। प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति के जरिए पात्र विद्यार्थियों और उनके परिवारों को पढ़ाई से जुड़े खर्च में आर्थिक सहारा मिल सकेगा।

इस पहल का उद्देश्य स्कूल स्तर पर पढ़ने वाले जरूरतमंद SC विद्यार्थियों को शिक्षा जारी रखने के लिए प्रोत्साहित करना है, ताकि आर्थिक कारणों से उन्हें पढ़ाई छोड़ने की नौबत न आए।

किन विद्यार्थियों को मिलेगा योजना का लाभ?

प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना मुख्य रूप से पात्र अनुसूचित जाति के स्कूल विद्यार्थियों के लिए संचालित की जाती है। इसके तहत निर्धारित पात्रता शर्तों को पूरा करने वाले विद्यार्थियों को शिक्षा जारी रखने के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाती है।

योजना से विद्यार्थियों के परिवारों पर पढ़ाई का आर्थिक दबाव कम करने में मदद मिलती है। सरकार का जोर यह भी है कि पात्र छात्रों को छात्रवृत्ति का लाभ समय पर मिले और आवेदन या भुगतान की प्रक्रिया में अनावश्यक देरी न हो।

शिक्षा को बताया सामाजिक बदलाव की कुंजी

मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि शिक्षा समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के साथ-साथ आर्थिक रूप से आगे बढ़ने का महत्वपूर्ण माध्यम है। सरकार का प्रयास है कि छात्रवृत्ति योजनाओं का लाभ वास्तविक रूप से जरूरतमंद और पात्र विद्यार्थियों तक पहुंचे।

उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा के क्षेत्र में आर्थिक सहायता को मजबूत करने के लिए लगातार कदम उठा रही है, ताकि किसी भी बच्चे की पढ़ाई केवल आर्थिक कठिनाई के कारण प्रभावित न हो।