चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में प्रदेश भर के ग्रुप-डी कर्मचारियों के लिए गेहूं की खरीद हेतु ब्याज मुक्त ऋण को मंजूरी दे दी है इस निर्णय से घरेलू उपभोग की आवश्यक जरूरतों के लिए वित्तीय सहायता मिलेगी.
इस बारे में वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने कहा मान सरकार ने निर्णय लिया है कि पात्र ग्रुप-डी कर्मचारियों को विशेष रूप से गेहूं की खरीद के लिए न्यूनतम 10,340 रुपये की ब्याज मुक्त ऋण राशि प्रदान करना उचित है. इस वित्तीय सहायता की गणना सरकार द्वारा प्रति परिवार औसतन चार क्विंटल गेहूं की खपत के निर्धारित मापदंड पर आधारित है.
कार्यान्वयन की समय सीमा और बजट सहायता पर ध्यान दें तो ये कर्मचारी 29 मई तक सरकारी कोष से इस ऋण राशि को निकालने के अधिकृत होंगे. इस उपाय को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए, वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 15 करोड़ रुपये के विशेष बजट की व्यवस्था की गई है.

वित्तीय बोझ होगा कम ऋण की वसूली प्रक्रिया को कर्मचारियों पर वित्तीय बोझ कम करने के लिए डिजाइन किया गया है, जिसमें कटौती आठ मासिक किस्तों के माध्यम से की जाएगी. ये किस्तें जून माह के वेतन से शुरू होंगी, जो जुलाई में प्रदान किया जाता है.

