चंडीगढ़। पंजाब का प्रशासन बड़े डिजीटल परिवर्तन का गवाह बना है, जिसके तहत अब नागरिक-केंद्रित सेवाएं लोगों को सीधे उनकी दहलीज पर ही प्रदान की जा रही हैं और सरकारी दफ्तरों में लंबी कतारें लगना तथा लोगों की परेशानी अब बीते समय की बात हो गई है।
सेवाओं की डिलीवरी में पारदर्शिता, पहुंचयोग्यता, कुशलता और ईमानदारी ने प्रदेश के प्रशासन को एक नया रूप देने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जिससे नागरिकों के लिए प्रशासनिक सेवाएं लेना अब अधिक सुचारु और सुगम हो गया है। यह दावा पंजाब के सुशासन एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अमन अरोड़ा ने किया।

अरोड़ा ने कहा कि बुनियादी सुधारों के तहत ही पटवारियों को ई-सेवा पोर्टल पर ऑन-बोर्ड करने के बाद 12.46 लाख से अधिक आवेदनों का ऑनलाइन निपटारा किया गया है। इसके अलावा ‘भगवंत मान सरकार, तुहाडे द्वार’ स्कीम के तहत 1,85,000 से अधिक नागरिकों को उनकी दहलीज पर सेवाएं प्रदान की। ये आंकड़े ‘सिफारिश और देरी’ की रिवायत से डिजीटल मान-सम्मान वाली प्रणाली में परिवर्तन को दर्शाते हैं।
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