पूर्णिया। जिला स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल (GMCH) परिसर से सुरक्षाकर्मियों ने चोरी की एक अजीबोगरीब और सनसनीखेज घटना का खुलासा करते हुए एक चोर को रंगे हाथों दबोच लिया है। अस्पताल परिसर में पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही चोरियों से परेशान प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी थी, जिसके परिणामस्वरूप इस शातिर चोर को पकड़ने में कामयाबी मिली। पकड़े गए आरोपी के पास से चोरी किए गए सामान के साथ-साथ प्रतिबंधित नशीला पदार्थ स्मैक भी बरामद हुआ है।

​बाथरूम के नल और कीमती सामान हो रहे थे गायब

​पिछले कुछ समय से पूर्णिया मेडिकल कॉलेज के कैंपस में चोरों का आतंक काफी बढ़ गया था। विशेषकर अस्पताल के शौचालयों से पानी के नल, फव्वारे और अन्य कीमती धातु के सामान लगातार गायब हो रहे थे। इन घटनाओं से अस्पताल प्रबंधन और मरीजों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा था। लगातार हो रही चोरी की वारदातों को गंभीरता से लेते हुए अस्पताल प्रशासन और तैनात सुरक्षाकर्मियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए थे। रविवार को जब आरोपी एक बार फिर चोरी की नीयत से परिसर में घूम रहा था, तब ऑन-ड्यूटी सुरक्षाकर्मियों की नजर उस पर पड़ी और उन्होंने बिना कोई मौका दिए उसे धर दबोचा।

​तलाशी के दौरान जेब से मिले चोरी के नल और स्मैक की पुड़िया

​पकड़े गए आरोपी की पहचान मोनू कुमार (उम्र 35 वर्ष) के रूप में हुई है। सुरक्षाकर्मियों ने जब उसकी विधिवत तलाशी ली, तो उसकी जेब से बाथरूम से चुराए गए नल, चोरी के अन्य छोटे औजार और नशा करने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री के साथ स्मैक की पुड़िया भी बरामद हुई। पूछताछ के बाद सुरक्षाकर्मियों ने आरोपी को तुरंत अस्पताल परिसर में बने पुलिस चौकी (TOP) के हवाले कर दिया। पुलिस की शुरुआती पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म बिना किसी हिचकिचाहट के कबूल कर लिया है।

​नशे की खुराक के लिए पिछले 6-7 सालों से कर रहा है चोरी

​पुलिस और सुरक्षाबलों द्वारा की गई कड़ाई से पूछताछ में आरोपी मोनू कुमार ने चौंकाने वाला खुलासा किया। उसने बताया कि वह पिछले करीब 6 से 7 सालों से स्मैक जैसे खतरनाक नशे का बुरी तरह आदी है। हर रोज नशे की खुराक खरीदने के लिए उसके पास पर्याप्त पैसे नहीं होते थे, जिसके चलते उसने चोरी का रास्ता चुना। वह अस्पताल के अलावा शहर के अन्य इलाकों को भी अपना निशाना बनाता था। पूछताछ में उसने यह भी बताया कि चोरी किए गए नल और अन्य बर्तनों को वह शहर के लखन चौक के पास स्थित कुछ खास बर्तन की दुकानों पर बहुत कम दामों में बेच दिया करता था, जिससे मिलने वाले पैसों से वह स्मैक खरीदता था।

​युवाओं को बर्बाद कर रहा है स्मैक का नशा

​इस घटना के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश और चिंता का माहौल है। लोगों का कहना है कि स्मैक का बढ़ता कारोबार और नशा क्षेत्र के युवाओं को मानसिक, शारीरिक और आर्थिक रूप से पूरी तरह खोखला कर रहा है। नशे की इस लत को पूरा करने के लिए युवा चोरी, लूटपाट और छिनतई जैसी वारदातों को अंजाम दे रहे हैं, जिससे इलाके में आपराधिक घटनाओं में लगातार बेतहाशा वृद्धि हो रही है।

​पुलिस अब खंगाल रही है तस्करों और खरीदारों के नेटवर्क

​मेडिकल कॉलेज टीओपी को सौंपे जाने के बाद अब स्थानीय पुलिस इस मामले की जड़ तक पहुंचने के लिए गहन छानबीन में जुट गई है। पुलिस आरोपी मोनू कुमार से मिली महत्वपूर्ण जानकारियों के आधार पर उन दुकानदारों की शिनाख्त कर रही है जो चोरी का सामान खरीदते थे। इसके साथ ही, शहर में स्मैक की अवैध सप्लाई करने वाले मुख्य तस्करों और सप्लायरों का सुराग लगाने के लिए भी छापेमारी की जा रही है, ताकि इस अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।