पूर्णिया। जिले में जदयू नेता और वार्ड पार्षद के बेटे शुभम कुशवाहा तथा उनके ममेरे भाई सागर कुशवाहा पर 23 जुलाई को हुए जानलेवा फायरिंग मामले में पुलिस ने एक बड़े षड्यंत्र का पर्दाफाश किया है। इस वारदात के पीछे पुरानी रंजिश और बदले की आग काम कर रही थी। कारोबारी सूरज बिहार के भाई ने अपने भाई की हत्या का बदला लेने के लिए इस पूरी वारदात की खौफनाक साजिश रची थी और बदमाशों को 6 लाख रुपए की भारी-भरकम सुपारी दी गई थी।
असम और पूर्णिया से तीन शूटर और एक मददगार गिरफ्तार
पूर्णिया के पुलिस अधीक्षक (SSP) शौर्य सुमन ने इस पूरे मामले का खुलासा करते हुए बताया कि पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन कुख्यात शूटरों समेत कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
- असम से गिरफ्तारी: पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस और खुफिया इनपुट के आधार पर मधेपुरा जिले के बिहारीगंज थाना क्षेत्र के रहने वाले देवा यादव और अररिया जिले के भरगामा थाना क्षेत्र के राजदीप को असम के गुवाहाटी से दबोचा। इन्हें घटना के कुछ दिन पहले ही धर दबोचा गया था।
- अन्य गिरफ्तारियां: तीसरे शूटर गौरव को पूर्णिया के मोहनपुर थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा, 2 अगस्त को शूटरों की मदद करने और उन्हें लाइनअप करने वाले पूर्णिया के रघुवंशनगर थाना क्षेत्र के श्याम यादव को भी पुलिस ने शिकंजे में ले लिया है।
अयान और मुख्य साजिशकर्ता उदय बिहारी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से दूर
पुलिस की शुरुआती जांच और खुलासे के मुताबिक, मुख्य आरोपी उदय बिहारी ने शुभम कुशवाहा की हत्या की सुपारी पूर्णिया सदर थाना क्षेत्र के रहने वाले अयान को दी थी। इसके बाद अयान ने श्याम यादव से संपर्क साधा और श्याम ने मिलकर पेशेवर शूटरों की एक खतरनाक टीम तैयार की, जिसने इस गोलीकांड को अंजाम दिया। हालांकि, मुख्य साजिशकर्ता उदय बिहारी, सुपारी लेने वाला अयान और मददगार श्याम अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर फरार चल रहे हैं। पुलिस इनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार संभावित ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही है।
मोबाइल चैट से हुआ प्लानिंग और पैसों के लेन-देन का खुलासा
पुलिस ने गिरफ्तार अपराधियों के पास से एक देसी पिस्टल, 4 जिंदा कारतूस और 5 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इन जप्त किए गए मोबाइलों की जब तकनीकी जांच की गई, तो उसमें इस गोलीकांड और सुपारी से जुड़े कई महत्वपूर्ण और चौंकाने वाले चैट हाथ लगे हैं। इन चैट्स में हत्या की पूरी प्लानिंग से लेकर पैसों के लेन-देन तक का पूरा कच्चा-चिट्ठा मौजूद है, जिसे पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है।
अपराधियों का पुराना आपराधिक इतिहास
एसएसपी शौर्य सुमन ने मीडिया को जानकारी दी कि मधेपुरा के रहने वाले शूटर देवा और अररिया के राजदीप का लंबा-चौड़ा पुराना आपराधिक इतिहास रहा है। ये दोनों बदमाश पहले से ही कई गंभीर आपराधिक मामलों में वांछित थे और पुलिस की नजरों से बचकर फरार चल रहे थे। फिलहाल, पूर्णिया पुलिस इस पूरे सिंडिकेट को नेस्तनाबूद करने और बाकी बचे फरार आरोपियों उदय बिहारी तथा अयान को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक चुकी है।


