राकेश कथूरिया, कैथल. बेटियों को प्रोत्साहित करने और लिंगानुपात सुधारने के लिए जिला प्रशासन ने नई पहल शुरू की है। डीसी Aparajita ने “प्यारी बेटियां” नाम से विशेष अभियान की शुरुआत की घोषणा की है। इसके तहत जिले के हर गांव से दो ऐसी बेटियों का चयन किया जाएगा जिन्होंने किसी भी क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की हो।

मंगलवार को लघु सचिवालय सभागार में जिले के सबसे अच्छे और सबसे खराब लिंगानुपात वाले 10-10 गांवों के सरपंचों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में बेटियों को आगे बढ़ाने और समाज में जागरूकता बढ़ाने को लेकर चर्चा हुई।
डीसी अपराजिता ने कहा कि जिले का मौजूदा लिंगानुपात चिंताजनक है। इस साल के पहले चार महीनों में लिंगानुपात 890 दर्ज किया गया है। इसमें सुधार के लिए समाज के हर वर्ग को आगे आना होगा।
उन्होंने कहा कि आज बेटियां हर क्षेत्र में सफलता हासिल कर रही हैं। समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए बेटियों को सम्मान और अवसर देना जरूरी है। इसी उद्देश्य से “प्यारी बेटियां” योजना शुरू की जा रही है।
योजना के तहत प्रत्येक पंचायत गांव की दो रोल मॉडल बेटियों का चयन करेगी। इन बेटियों की जिले स्तर पर एक कोर टीम बनाई जाएगी। प्रशासन की ओर से उन्हें अलग-अलग विभागों और करियर से जुड़ी जानकारी दी जाएगी ताकि वे आगे बढ़ सकें और अन्य बेटियों के लिए प्रेरणा बनें।
डीसी ने कहा कि रात्रि प्रवास कार्यक्रमों के दौरान भी गांव की होनहार बेटियों को सम्मानित किया जाएगा। साथ ही कन्या भ्रूण हत्या जैसे अपराधों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में सरपंचों ने कई सुझाव भी दिए। कुछ गांवों में बेटियों के जन्म पर आर्थिक सहायता और घी देने जैसी योजनाओं की जानकारी साझा की गई। डीसी ने इन प्रयासों की सराहना की।
प्रशासन ने आशा वर्कर्स की भूमिका को भी अहम बताया और बेहतर काम करने वाली आशा वर्कर्स को सम्मानित करने की बात कही।

