भारत की राजधानी नई दिल्ली में मंगलवार को भारत-ऑस्ट्रेलिया-जापान-US क्वाड के विदेश मंत्रियों की बैठक हुई। भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इस बैठक की अध्यक्षता की और उनके साथ इस बैठक में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो, जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी और ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग ने भाग लिया। बैठक के दौरान जयशंकर ने सभी देशों के समन्वय पर जोर दिया…जयशंकर ने कहा कि भारत की हमेशा आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति रही है…और मीडिल ईस्ट में टेंशन के चलते ग्लोबल सप्लाई चेन प्रभावित हुई है। बैठक में हिंद-प्रशांत क्षेत्र, साइबर सिक्योरिटी और AI टेक्नोलॉजी पर भी चर्चा हुई। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि बैठक में 3 बड़े फैसलों पर चर्चा की गई।

क्वाड के 3 बड़े फैसलों पर सहमति

  1. क्वाड देशों ने समुद्र से जुड़ी जानकारी साझा करने और निगरानी बढ़ाने पर सहमति जताई है। बंदरगाहों से जुड़ी सुविधाओं के लिए एक एक्सपर्ट टीम बनाने पर भी विचार होगा। साथ ही फिजी में नया पोर्ट प्रोजेक्ट शुरू किया जाएगा और समुद्र के नीचे बिछी इंटरनेट केबल्स पर मिलकर काम होगा।
  2. क्वाड देशों ने क्रिटिकल मिनरल्स के लिए एक साझा फ्रेमवर्क तैयार किया है। भारत और अमेरिका ने भी इस मुद्दे पर अलग समझौता किया है। क्वाड अब इस काम में दूसरे देशों को भी जोड़ने की कोशिश करेगा।
  3. इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में ऊर्जा सप्लाई को सुरक्षित रखने के लिए नई पहल शुरू की गई है। इसमें नई तकनीक, बेहतर प्रबंधन, नीतियां, अंतरराष्ट्रीय बाजार की जानकारी और इमरजेंसी अभ्यास जैसी चीजें शामिल होंगी।

होर्मुज का भी उठा मुद्दा

इसमें ऑस्ट्रेलिया ने होर्मुज का मुद्दा उठाया। विदेश मंत्री पेनी वोंग ने कहा, ‘ईरान की तरफ से होर्मुज स्ट्रेट बंद किए जाने का असर अब तेल और ऊर्जा सप्लाई पर दिखने लगा है। क्वाड देशों का कहना है कि समुद्री रास्ते खुले रहना जरूरी हैं और वहां से गुजरने वाले जहाजों पर किसी तरह का टोल या रोक नहीं लगनी चाहिए।’

क्वाड बैठक में 5 बड़े ऐलान…

  • क्वाड देशों ने क्रिटिकल मिनरल्स फ्रेमवर्क शुरू करने का फैसला किया, जिसके तहत खनन, प्रोसेसिंग, रीसाइक्लिंग और सप्लाई चेन मजबूत करने के लिए मिलकर निवेश और सहयोग बढ़ाया जाएगा।
  • भारत और अमेरिका ने क्रिटिकल मिनरल्स और रेयर अर्थ सप्लाई सुरक्षित करने के लिए द्विपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर किए, जिससे दोनों देशों के बीच रणनीतिक और आर्थिक सहयोग बढ़ेगा।
  • क्वाड देशों ने इंडो-पैसिफिक में ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाने के लिए नई पहल शुरू की है, जिसके तहत फ्यूल सिक्योरिटी फोरम और क्षेत्रीय ऊर्जा सहयोग को आगे बढ़ाया जाएगा।
  • हिंद महासागर और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में समुद्री निगरानी बढ़ाने के लिए क्वाड देश सैटेलाइट डेटा साझा करेंगे, जिससे तस्करी, अवैध मछली पकड़ने और आपदा राहत में मदद मिलेगी।
  • क्वाड देशों ने फिजी में ‘पोर्ट्स ऑफ द फ्यूचर’ परियोजना शुरू करने का फैसला किया है, जिसके तहत बंदरगाह इंफ्रास्ट्रक्चर और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत किया जाएगा।

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