सोहराब आलम, मोतिहारी। जिले में पुलिस को एक बहुत बड़ी सफलता हाथ लगी है। मोतिहारी पुलिस ने पैसे डबल (दोगुना) करने का झांसा देकर आम जनता और व्यापारियों को ठगने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह पूरी कार्रवाई मुफ्फसिल थाना पुलिस द्वारा की गई है।
​इस मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए सदर डीएसपी जितेश पांडेय ने एक प्रेस वार्ता में बताया कि जिले में लंबे समय से सक्रिय इस ठग गिरोह के बारे में लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इसे गंभीरता से लेते हुए मोतिहारी पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार एक विशेष छापेमारी टीम का गठन किया गया था। इसी टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर जाल बिछाकर गिरोह के 9 सदस्यों को धर दबोचा।
​गिरफ्तार किए गए आरोपियों में एक बर्खास्त बीएमपी जवान विदुर साहनी, दो बर्खास्त होमगार्ड के जवान और अन्य 6 शातिर अपराधी शामिल हैं। पुलिस की पूछताछ में यह बात सामने आई है कि यह गिरोह बहुत ही शातिर तरीके से लोगों को अपने जाल में फंसाता था।

​डराने और लूटने का था अनोखा तरीका

​सदर डीएसपी जितेश पांडेय ने बताया कि इस गिरोह के काम करने का तरीका बेहद शातिर था। गिरोह में शामिल बर्खास्त पुलिसकर्मी अपनी पुरानी वर्दी का धौंस जमाते थे। जब कोई सीधा-साधा व्यक्ति अपने पैसे को दोगुना कराने के लिए इनके पास असली नकदी लेकर पहुंचता था, तो ये बर्खास्त पुलिसकर्मी अचानक वहां रेड (छापेमारी) की तरफ पहुंच जाते थे।
​इसके बाद वे डर और धौंस दिखाकर उस व्यक्ति के पास मौजूद असली रुपये छीनकर फरार हो जाते थे। इस तरह वे ठगी के साथ-साथ लूटपाट की वारदातों को भी अंजाम देते थे।

​बरामदगी का विवरण

​पुलिस ने आरोपियों के पास से निम्नलिखित सामग्रियां जब्त की हैं:

  • ​34,000 रुपये: असली भारतीय मुद्रा (नकदी)
  • ​लगभग 4,00,000 रुपये: डुप्लीकेट या नकली नोट (जिन पर ‘चिल्ड्रन बैंक’ प्रिंट है)
  • ​हथियार: एक देशी कट्टा और जिंदा कारतूस
  • ​अन्य सामग्रियां: पुलिस की वर्दी और ठगी में इस्तेमाल होने वाले अन्य उपकरण

​आगे की कार्रवाई

​मोतिहारी पुलिस अब गिरफ्तार किए गए सभी 9 आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ कर रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस नेटवर्क के तार और कहां-कहां जुड़े हैं और इनके साथ कौन-कौन से अन्य लोग संलिप्त हैं। इस सफल कार्रवाई से इलाके के अपराधियों में हड़कंप मच गया है और पुलिस की इस मुस्तैदी की हर तरफ सराहना हो रही है।