कुंदन कुमार/पटना। बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री और आरजेडी प्रमुख राबड़ी देवी द्वारा अपनी सुरक्षा वापस किए जाने की घोषणा ने प्रदेश की सियासत में हलचल पैदा कर दी है। इस फैसले के बाद जनता दल यूनाइटेड (जदयू) ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। जदयू के मुख्य प्रवक्ता और पूर्व मंत्री नीरज कुमार ने इस कदम पर कटाक्ष करते हुए इसे राबड़ी देवी का आत्मज्ञान करार दिया है।
क्या बोले नीरज कुमार?
जदयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने इस मुद्दे पर तंज कसते हुए कहा कि राबड़ी देवी को अचानक आत्मज्ञान की प्राप्ति हो गई है जिसके चलते उन्होंने मौखिक रूप से अपनी सुरक्षा लौटाने का निर्णय लिया है। नीरज कुमार ने यहीं नहीं रुके उन्होंने इस बयान को एक बड़े राजनीतिक हमले में बदल दिया। उन्होंने कहा कि जिस तरह राबड़ी देवी ने अपनी सुरक्षा को मौखिक रूप से त्यागने की घोषणा की है, उसी तर्ज पर उन्हें अपनी और अपने परिवार की अवैध कमाई को भी सार्वजनिक रूप से लौटा देना चाहिए।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा
नीरज कुमार का यह बयान सीधे तौर पर लालू परिवार पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की ओर इशारा करता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राबड़ी देवी का सुरक्षा वापस करने का कदम एक सोची-समझी रणनीति हो सकती है जिसका उद्देश्य सरकार पर दबाव बनाना या सहानुभूति बटोरना हो सकता है। हालांकि जदयू ने इसे एक पब्लिसिटी स्टंट बताते हुए इसे भ्रष्टाचार के मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश बताया है।
क्या यह केवल मौखिक है?
जदयू प्रवक्ता ने इस बात पर जोर दिया कि सुरक्षा जैसी संवेदनशील व्यवस्था को केवल मौखिक रूप से नहीं छोड़ा जा सकता। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत सुरक्षा वापसी के लिए विधिवत आवेदन देना होता है। नीरज कुमार ने इस पूरे प्रकरण को एक नौटंकी बताते हुए कहा कि यदि वे वास्तव में नैतिक आधार पर कुछ छोड़ना चाहती हैं तो उन्हें उन संपत्तियों का विवरण जनता के सामने लाना चाहिए जो उनके शासनकाल में कथित रूप से अवैध तरीके से अर्जित की गई हैं।
राबड़ी देवी के इस कदम और जदयू के इस पलटवार के बाद बिहार में एक बार फिर लालू परिवार और नीतीश सरकार के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। अब देखना यह होगा कि आरजेडी की ओर से इस पर क्या जवाब आता है।

