रविंद्र कुमार भारद्वाज, रायबरेली. किलौली चौराहा स्थित सर्वोदय इंटर कॉलेज (Sarvodaya Inter College) के हाईस्कूल से परीक्षा देने वाले सभी 76 छात्र यूपी बोर्ड की हाईस्कूल परीक्षा में फेल (76 students fail UP Board exams) हो गए हैं. इस घटना ने पूरे जिले में हड़कंप मचा दिया है और अभिभावकों में भारी आक्रोश व्याप्त है. विद्यालय प्रशासन का कहना है कि यह पूरी तरह तकनीकी कमी का मामला है. डीआईओएस ने मामले की जांच का आश्वासन दिया है, लेकिन अब तक जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है. छात्रों और उनके अभिभावकों की मानसिक स्थिति को लेकर किसी को कोई चिंता नहीं दिख रही.
डीआईओएस के अनुसार, विद्यालय के प्रधानाध्यापक ने फिजिकल एजुकेशन विषय में सभी छात्रों को A+ ग्रेडिंग दे दी, जो बोर्ड के नियमों के पूरी तरह विरुद्ध है. इससे छात्रों का समग्र परिणाम प्रभावित हुआ और बोर्ड ने उन्हें फेल घोषित कर दिया. सवाल यह उठ रहा है कि बोर्ड के नियमों से अनभिज्ञ व्यक्ति को प्रधानाध्यापक की जिम्मेदारी कैसे सौंपी गई? अभिभावक पूछ रहे हैं कि अगर स्कूल प्रबंधन ने प्रैक्टिकल के अंक समय पर बोर्ड को नहीं भेजे या गलत तरीके से दर्ज किए, तो छात्रों का भविष्य क्यों दांव पर लगाया गया?
इसे भी पढ़ें : UPMSSP Result 2026 : परिणाम जारी, सृष्टि दीक्षित 10वीं , रजनीश यादव ने 12वीं में मारी बाजी
कई अभिभावकों ने बताया कि उनके बच्चे परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन करने के बावजूद फेल हो गए, जिससे उनका मनोबल पूरी तरह टूट गया है. विद्यालय के व्यवस्थापक मोहनीश त्रिवेदी ने स्वीकार किया कि 36 छात्र और 40 छात्राएं पंजीकृत थे, लेकिन प्रैक्टिकल परीक्षा के अंक बोर्ड तक नहीं पहुंच पाए, जिसके चलते बोर्ड ने उन्हें अनुपस्थित मान लिया. अब सवाल यह है कि विद्यालय प्रशासन और डीआईओएस द्वारा प्रधानाध्यापक के खिलाफ अभी तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई? क्या केवल जांच का आश्वासन देकर मामले को रफा-दफा कर दिया जाएगा? अभिभावक मांग कर रहे हैं कि दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई हो, छात्रों के रिजल्ट सुधारे जाएं और भविष्य में ऐसी लापरवाही न दोहराई जाए.
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- उत्तर प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- लल्लूराम डॉट कॉम की खबरें

