कुंदन कुमार, पटना। नीट पेपर लीक और दिल्ली में हुए छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में कल मंगलवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पीएम आवास के बाहर प्रदर्शन करते हुए धरने पर बैठ गए। उनके साथ कांग्रेस के अलावा महागठबंधन के कई अन्य नेता भी शामिल थे, जिन्हें पुलिस ने हिरासत में ले लिया। अब इस मुद्दे पर बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने राहुल गांधी द्वारा पीएम आवास के बाहर किए गए धरना प्रदर्शन की निंदा की है।
‘राहुल गांधी का आचरण अशोभनीय और निंदनीय’
बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, आज राहुल गांधी का आचरण पूरी तरह से अशोभनीय और निंदनीय रहा। नेता प्रतिपक्ष जैसा गरिमामय पद होने के बावजूद राहुल गांधी उसे गंभीरता से नहीं लेते हैं, यह आज उनके व्यवहार से स्पष्ट हुआ है।
नितिन नबीन ने कहा कि, लोकतंत्र में विरोध और अराजकता अलग-अलग बातें हैं। विरोध जब मर्यादा की सीमाओं को पार कर जाता है, तो वह अराजकता का रूप ले लेता है। आज प्रधानमंत्री जी के आवास पर जाकर जिस प्रकार राहुल गांधी और उनकी टीम ने अराजकता फैलाने का प्रयास किया, वह स्पष्ट संदेश देता है कि वे विरोध की राजनीति नहीं, बल्कि अराजकतावादी राजनीति के परिचायक बनते जा रहे हैं।
राहुल पर पीछे हटने का लगाया आरोप
बीजेपी अध्यक्ष ने आगे कहा, राहुल गांधी ने जिन मुद्दों पर चर्चा की शर्त रखी, उन्हें भी स्वीकार किया गया। लेकिन दुर्भाग्य देखिए कि नेता प्रतिपक्ष जैसे पद पर बैठा व्यक्ति अपने ही उठाए हुए विषयों से पीछे हट गया। इससे उनकी अपरिपक्वता स्पष्ट रूप से झलकती है। उन्होंने कहा कि, विपक्ष के साथ संसद के पटल पर हर प्रकार का संवाद स्वीकार्य है, लेकिन इस प्रकार का व्यवहार देश की जनता कभी स्वीकार नहीं करेगी।
राहुल बोले- सरकार ने नहीं दी बहस की अनुमति
गौरतलब है कि राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और सपा प्रमुख अखिलेश यादव समेत कई नेताओं को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लेते हुए उन्हें छत्रसाल स्टेडियम स्थित डिटेंशन सेंटर में रखा। हालांकि कुछ देर बाद सभी नेताओं को छोड़ दिया गया। हिरासत के दौरान डिटेंशन सेंटर से राहुल गांधी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने कहा कि, संसद में छात्रों के मुद्दों और देश की शिक्षा प्रणाली के ध्वस्त होने पर चर्चा कराने की मांग की गई थी, लेकिन सरकार ने इस पर बहस की अनुमति नहीं दी।
राहुल गांधी ने रखी तीन मांगे
इसके अलावा उन्होंने छात्रों के समर्थन में अपनी तीन प्रमुख मांगें भी रखीं। राहुल गांधी ने सबसे पहले केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। इसके साथ ही उन्होंने संसद मार्च के दौरान छात्रों पर कथित तौर पर अत्याचार करने वालों पर कार्रवाई की मां और प्रदर्शन से जुड़े छात्रों पर दर्ज हुए मुकदमे को वापस लेने की मांग की। राहुल ने अपनी अंतिम मांग में पीएम मोदी से देश के युवाओं से माफी मांगने और शिक्षा व परीक्षा प्रणाली में तत्काल रूप से सुधार करने की अपील की। वीडियो में राहुल के पैर में जूता नहीं दिख रहा है। वहीं, उनके बाल भी बिखरे हुए नजर आ रहे हैं।
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