चंडीगढ़। दिल्ली में आयोजित जेन-जी संवाद कार्यक्रम के दौरान भाजपा के पसंदीदा नेताओं में कैप्टन अमरिंदर सिंह का नाम लेकर राहुल गांधी ने एक नया विषय राजनीति की चर्चा करने वालों को दे दिया है. पंजाब में इस विषय को लेकर खासी गंभीरता बरती जा रही है. इसके पहले भी कई दफा यह देखा गया है कि राहुल गांधी कैप्टन की तारीफ करते नजर आए हैं. इस पूरे मामले में राजनीतिक तूल पकड़ने के बाद आखिरकार कैप्टन ने चुप्पी तोड़ी है. उन्होंने इस बयान को लेकर सफाई दी है जो अब चर्चा पर बने रहने के लिए काफी है.

कैप्टन अमरिंदर सिंह समाचार एजेंसी से इस विषय पर चर्चा की. उन्होंने कहा कि राहुल का उनके बारे में अच्छा बोलना अच्छा लगा. उनके पिता और पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत राजीव गांधी मेरे सहपाठी और मित्र थे. मेरे व्यक्तिगत और पारिवारिक संबंध राहुल और उनकी मां सोनिया गांधी के साथ हमेशा रहेंगे, राजनीतिक रूप से वह भाजपा के प्रति प्रतिबद्ध हैं. इसके बाद यह साफ हो गया है कि फिलहाल कांग्रेस प्रवेश को लेकर कैप्टन का कोई इरादा नहीं है.

इसका पहल भी उड़ी थी हवा

इसके पहले भी कई कांग्रेसी नेताओं ने कैप्टन की कांग्रेस वापसी को लेकर कई बातें कहीं थी. यह चर्चा पहले भी तब शुरू हुई थी जब कैप्टन ने कहा था कि कांग्रेस में फैसले उनसे पूछकर होते थे, लेकिन भाजपा में ऐसा नहीं है. राहुल गांधी का यह बयान ऐसे समय पर आया है, जब पंजाब कांग्रेस गुटबाजी से जूझ रही है.


प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने एक दिन पहले ही लुधियाना में कहा था कि एक सप्ताह के भीतर राहुल गांधी कोई बड़ा फैसला ले सकते हैं. वहीं पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के करीबी विधायक राणा गुरजीत सिंह ने कहा कि यदि कैप्टन अमरिंदर सिंह कांग्रेस में लौटते हैं तो उनका स्वागत किया जाएगा. कांग्रेस नेता परगट सिंह भी कह चुके हैं कि कैप्टन के अनुभव का लाभ पार्टी को मिल सकता है.