पटना। ​बिहार में मानसून अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है, जिसके चलते इसकी सक्रियता में कमी देखने को मिल रही है। हालांकि, मौसम विज्ञान केंद्र ने आज शनिवार को प्रदेश के 13 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में मेघगर्जन के साथ 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है।

​पिछले 24 घंटों का हाल और प्रमुख आंकड़े

​बीते 24 घंटों के दौरान राज्य के कुछ चुनिंदा हिस्सों में तेज बौछारें पड़ीं। सबसे अधिक बारिश किशनगंज जिले में 134 मिलीमीटर दर्ज की गई। इसके अलावा:

  • ​मधुबनी में 46 मिलीमीटर वर्षा हुई।
  • ​अररिया में 30 मिलीमीटर पानी बरसा।
  • ​रोहतास में 28 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
  • ​पूर्णिया में 12 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड हुई।

​इसके अतिरिक्त आरा, सहरसा और खगड़िया में भी झमाझम बारिश हुई। हालांकि, खगड़िया में वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चपेट में आने से एक नाबालिग की दुर्भाग्यपूर्ण मौत हो गई।

​कृषि पर असर और मानसून की असमानता

​मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि बिहार में बारिश का वितरण हमेशा असमान रहता है। कई बार एक ही समय पर एक जिले में भारी बारिश होती है, जबकि पड़ोसी जिले सूखे रह जाते हैं। यही वजह है कि इक्का-दुक्का स्थानों पर होने वाली भारी बारिश से पूरे राज्य की कमी पूरी नहीं हो सकती। कृषि क्षेत्र के लिए समय पर और समान रूप से होने वाली वर्षा अधिक महत्वपूर्ण मानी जाती है।

​पटना का मौसम और उमस भरी गर्मी

​राजधानी पटना की बात करें तो आज यहां आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है। अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। पटना के लिए फिलहाल कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है, लेकिन सुबह 88% और शाम को 76% तक आर्द्रता (नमी) रहने के कारण धूप खिलने के बाद भारी उमस और चिपचिपी गर्मी का अहसास होगा। इससे पहले 17 सितंबर को पटना में 10.9 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई थी।

​सीजन में 36% की भारी कमी

​पूरे मानसून सीजन की बात करें तो बिहार में अब तक सामान्य से लगभग 36% कम बारिश रिकॉर्ड की गई है। राज्य में इस अवधि तक 914 मिलीमीटर सामान्य बारिश होनी चाहिए थी, जबकि वास्तविक आंकड़ा मात्र 573 मिलीमीटर के आसपास ही सिमट कर रह गया है।
​मौसम विभाग के अनुसार, आगामी 20, 21 और 22 सितंबर को पूरे राज्य में मौसम आमतौर पर सामान्य रहेगा और किसी भी बड़े खतरे की चेतावनी नहीं है। हालांकि, स्थानीय स्तर पर बादलों की आवाजाही और हल्की छिटपुट बारिश से इंकार नहीं किया जा सकता है।