पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपनी पार्टी के नाम और सिंबल फ्रीज करने के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है. चुनाव आयोग द्वारा TMC के चुनाव चिन्ह को फ्रीज करने के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है. उन्होंने कहा कि वह पार्टी की मूल पहचान को वापस पाने के लिए संघर्ष करती रहेंगी. ममता बनर्जी ने अपनी याचिका में चुनाव आयोग के फैसले को रद्द करने की मांग की है.
पश्चिम बंगाल की पूर्व सीएम और सियासी दिग्गज ममता बनर्जी को एक दिन में तीन बड़े झटके लगे हैं. चुनाव आयोग ने ममता बनर्जी को पार्टी का नाम और सिंबल, कुछ भी इस्तेमाल करने की इजाजत नहीं दी है.
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को एक साथ तीन बड़े झटके लगे है जिनमें पहला पार्टी का नाम और सिंबल फ्रीज हुआ, दूसरा नंदीग्राम की उम्मीदवार ने साथ छोड़ा और तीसरा जिसे उन्होंने समर्थन देने की बात कही, वो अरेस्ट हो गया.
चुनाव आयोग ने तृणमूल कांग्रेस के नाम और उसके पारंपरिक ‘फूल और घास’ चुनाव चिन्ह का उपयोग करने से रोक दिया गया है. ममता बनर्जी ने 28 साल पुरानी पार्टी के नाम और उसके चुनाव चिन्ह को इलेक्शन कमीशन द्वारा फ्रीज किए जाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है.
ममता बनर्जी ने अपनी याचिका में चुनाव आयोग के फैसले को रद्द करने की मांग करते हुए कहा है कि उनकी पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न को फ्रीज करने का फैसला लोकतांत्रिक प्रक्रिया और पार्टी कार्यकर्ताओं की भावनाओं के खिलाफ है.
चुनाव आयोग ने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट को उपचुनाव के लिए ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘फुटबॉल खिलाड़ी’ का चुनाव चिन्ह आवंटित किया. चुनाव आयोग ने कहा कि यह व्यवस्था पश्चिम बंगाल सहित आगामी उपचुनावों पर लागू होगी. अंतरिम व्यवस्था के तहत किसी भी गुट द्वारा मूल पार्टी नाम और आरक्षित चिन्ह का उपयोग नहीं किया जा सकता है.
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