हेमंत शर्मा, इंदौर। पुलिस की कार्रवाई में नेतागिरी चमकाने का मामला सामने आया है। इंदौर में कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का खास बनने वाला दिनेश शर्मा एक आरोपी को छुड़ाने थाने पहुंच गया। लेकिन पुलिस के सामने उसकी एक न चली और उसे खाली हाथ वापस लौटना पड़ा। मामला चंदन नगर थाने का है। 

मंत्री के नाम का रौब झाड़ने की कोशिश?

बताया जा रहा है कि 17 सितंबर की रात पुलिस एक आरोपी पर कार्रवाई कर रही थी। उसी वक्त दिनेश शर्मा थाने पहुंचा । उसने खुद को बीजेपी नेता और कैलाश विजयवर्गीय का करीबी बताकर पुलिस पर दबाव बनाने की कोशिश की ताकि आरोपी बच निकले। लेकिन पुलिस अफसरों ने उसकी धौंस को दरकिनार किया और अपना काम जारी रखा।

खुद पर भी दर्ज है केस, फिर भी थाने में नेतागिरी!

खबर तो यह भी है कि आरोपी की पैरवी करने पहुंचे दिनेश शर्मा पर पहले से ही आपराधिक मामले दर्ज हैं। अब सवाल यह उठ रहा है कि ऐसे लोग नेताओं के नाम की धौंस देकर कानून को जेब में रखने की कोशिश क्यों कर रहे हैं?

पुलिस की सख्ती के आगे खाली हाथ लौटा ‘नेताजी’

थाने में दिनेश शर्मा ने आरोपी को बचाने की पूरी सेटिंग लगाने की कोशिश की, लेकिन पुलिस अधिकारियों ने उसकी एक न सुनी। आखिरकार उसे बैरंग ही वापस लौटना पड़ा। इस घटना के बाद से शहर में चर्चा गर्म है कि कानून के आगे किसी की नेतागिरी नहीं चलने वाली।

कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गी के साथ दोनों ही आरोपियों के फोटो आए नजर

दरअसल दिनेश शर्मा और पकड़े गए आरोपी दोनों की फोटो कैलाश विजयवर्गीय के साथ नजर आईं हैं । यह नेताजी मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के साथ फोटो खिंचवाकर पुलिस पर दबाव बनाने का काम करते हैं । लेकिन इस बार नेताजी की एक भी न चाली और पुलिस ने कड़ी कार्रवाई भी कर दी और इसके साथ ही दिनेश शर्मा को भी हिदायत दे दी कि आगे से अगर सरकारी कार्य में किसी तरह की बाधा डाली तो उसके खिलाफ भी पुलिस सरकारी कार्य में बाधा का प्रकरण दर्ज कर लेगी।

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m