मुंबई के बांद्रा में आज हाईकोर्ट के आदेश पर एक बड़ी कार्रवाई की गई, जहाँ रेलवे और बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) ने मिलकर 400 से अधिक अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया. इस मामले की सुनवाई 2017 से चल रही थी, और 29 अप्रैल को हाईकोर्ट द्वारा कार्रवाई का अंतिम आदेश दिया गया था. सुबह से ही मौके पर बड़ी संख्या में सुरक्षा बल तैनात किए गए थे, जिनमें सिटी पुलिस, रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और सरकारी रेलवे पुलिस (जीआरपी) के लगभग 1000 कर्मी शामिल थे, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके.
पश्चिमी रेलवे ने अवैध झुग्गी-झोपड़ियों के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू किया है. इस कार्रवाई के तहत 400 अवैध झोपड़ियों को हटाया जा रहा है, जिसमें स्थानीय पुलिस की भी मदद ली जा रही है.
मुंबई के बांद्रा ईस्ट रेलवे स्टेशन से बाहर निकलते ही एक बड़ा झुग्गी-झोपड़ी वाला क्षेत्र दिखाई देता है. अब यहां हाई कोर्ट के आदेश के बाद प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है. यह बुलडोजर एक्शन बांद्रा स्टेशन के पास गरीब नगर इलाके में रेलवे की जमीन पर बने अनधिकृत ढाँचों को हटाने के लिए चलाया गया. 400 अवैध झोपड़ियों को बड़े पैमाने पर हटाया जा रहा है. मौके पर स्थानीय पुलिस भी मौजूद है.

इस इलाके में कानूनी तौर पर रहने वाले 100 निवासियों को छोड़कर बाकी सभी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. इन 100 निवासियों के लिए आवास उपलब्ध करा दिया गया है. वहीं, अवैध झोपड़ियों पर कार्रवाई अगले चार दिनों तक जारी रहेगी.
जानकारी के मुताबिक, खाली हुई जगह का उपयोग मुंबई से शुरू होने वाली 50 नई ट्रेनों के संचालन और बांद्रा टर्मिनस के विस्तार के लिए किया जाएगा. इसके साथ ही अतिरिक्त जगह का उपयोग बांद्रा उपनगरीय स्टेशन को बांद्रा टर्मिनस से जोड़ने और उपनगरीय ट्रेनों को अलग करने के लिए किया जाएगा.
अधिकारियों के अनुसार, 2021 के सर्वे में चिन्हित किए गए लगभग 100 पात्र निवासियों का पुनर्वास पहले ही सुनिश्चित किया जा चुका है। बॉम्बे हाईकोर्ट ने रेलवे को यह स्पष्ट निर्देश दिया है कि जो झुग्गी-झोपड़ी निवासी पहले हुए सर्वे में वैध (पात्र) पाए गए थे, उनके हितों का पूरा ध्यान रखा जाए।
पश्चिमी रेलवे के अनुसार, अवैध झुग्गी-झोपड़ियों पर यह कार्रवाई हाई कोर्ट के आदेश के बाद की जा रही है. 10 अगस्त 2021 को किए गए पहले सर्वेक्षण और 11 अगस्त 2021 को किए गए दूसरे सर्वेक्षण से पात्र पाए गए झुग्गीवासियों के हितों का ध्यान रखने के लिए कहा गया है.
2017 में इन ढांचों को हटाने की कार्रवाई शुरू की गई थी, लेकिन निवासियों ने अदालत में मुकदमा कर दिया था. इलाके में मुंबई पुलिस और जीआरपी की भारी मौजूदगी है. कार्रवाई के लिए इलाके में कई खुदाई मशीनें तैनात की गई हैं.
झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले सैकड़ों लोग इलाके के आसपास जमा हो गए. इस बीच पुलिस यह सुनिश्चित कर रही है कि कोई भी कानून-व्यवस्था की समस्या पैदा न हो.
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