Durg-Bhilai-Rajnandgaon News Update : दल्ली राजहरा. केंद्रीय ट्रेड यूनियनों, क्षेत्रीय संगठनों और संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर केंद्र सरकार की मजदूर-किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ आज दल्ली-राजहरा में जबरदस्त संघर्षपूर्ण प्रदर्शन किया गया. स्टेट हाईवे-930, गोल्डमुण्डा में आयोजित चक्का जाम और जेल भरो आंदोलन में हजारों की संख्या में मजदूर, किसान, कर्मचारी, महिलाएं और नौजवान शामिल हुए. विशाल भीड़ के कारण सड़क पर दोनों ओर से आवागमन पूरी तरह ठप हो गया और लंबे समय तक यातायात बाधित रहा. प्रदर्शन में मुख्य रूप से एसकेएमएस, सीटू, सीएमएसएस, सीएमएम, इंटक, सीपीएम, किसान संघ के नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए.
सुबह से ही निर्धारित स्थल पर मजदूर-किसानों का जुटना शुरू हो गया था. देखते ही देखते प्रदर्शन स्थल जनसैलाब में बदल गया. प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए सड़क पर बैठकर चक्का जाम किया. दोनों दिशाओं से वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद रही. प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन केवल राजहरा की स्थानीय समस्याओं तक सीमित नहीं, बल्कि देशभर के मजदूरों और किसानों के अधिकारों की लड़ाई है. लंबे समय तक चले चक्का जाम और धरना-प्रदर्शन के बाद प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को हटाने की कार्रवाई शुरू की. पुलिस द्वारा बसों की व्यवस्था कर प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया. आंदोलनकारी शांतिपूर्ण ढंग से गिरफ्तारी देने के लिए आगे बढ़ते रहे. आंदोलन के दौरान 765 प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी की गई. गिरफ्तारी के बावजूद मजदूर-किसानों में उत्साह और संघर्ष का जज्बा बना रहा और उन्होंने आंदोलन जारी रखने का संकल्प दोहराया.
सरकार को चेतावनी
प्रदर्शनकारियों ने बीएसपी खदानों में कार्यरत ठेका श्रमिकों की छंटनी/कटौती पर रोक लगाने की मांग की. साथ ही चार श्रम संहिताओं को निरस्त करने, किसानों का कर्ज माफ करने, बिजली का निजीकरण रोकने, सार्वजनिक उपक्रमों के निजीकरण, आउटसोर्सिंग पर रोक लगाने और सभी फसलों पर सी2+50 प्रतिशत के आधार पर न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी देने की मांग उठाई गई.
जेल भरो आंदोलन के दौरान नेताओं ने कहा कि गिरफ्तारियां आंदोलन को और मजबूत करने के साथ-साथ मजदूर-किसान एकता को और मजबूत करेंगा. संयुक्त ट्रेड यूनियनों और किसान संगठनों ने सरकार को चेतावनी दी कि यदि मांगों पर गंभीरता से पहल नहीं की गई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा. प्रदर्शनकारियों ने “मजदूर-किसान एकता जिंदाबाद”, “केंद्र सरकार की मजदूर किसान विरोधी नीतियां मुर्दाबाद” जैसे नारों के साथ संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया. चक्का जाम स्थल पर ही विशाल आम सभा भी की गई. जिसे, छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा के अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक जनक लाल ठाकुर, संयुक्त खदान मजदूर संघ के सचिव कमलजीत सिंह मान, सीटू यूनियन के अध्यक्ष ज्ञानेंद्र सिंह, संगठन सचिव प्रकाश क्षत्रिय, छत्तीसगढ़ माइंस श्रमिक संघ के अध्यक्ष सोमनाथ उइके, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के अध्यक्ष पुरुषोत्तम सिमैया, इंटक के अध्यक्ष तिलक मानकर एवं किसान सभा के जिला पदाधिकारी ने संबोधित किया. आंदोलन के अंत में संयुक्त ट्रेड यूनियनों एवं किसान संगठनों की ओर से मांगों से संबंधित ज्ञापन भी सौंपा गया.
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख स्थानीय मांगों में भिलाई इस्पात संयंत्र के लिए प्रस्तावित 06 एमटी पेलेट प्लांट की स्थापना दल्ली-राजहरा में ही किए जाने की मांग प्रमुख रही. वक्ताओं ने कहा कि लौह अयस्क क्षेत्र के लोगों के संसाधनों का लाभ स्थानीय क्षेत्र और बेरोजगार युवाओं को मिलना चाहिए. क्षेत्र में बढ़ती बेरोजगारी को देखते हुए रोजगार सृजन के लिए उद्योगों की स्थापना दल्ली-राजहरा में करने की मांग उठाई गई.
आंदोलनकारियों ने दल्ली-राजहरा में केंद्रीय विद्यालय और 100 बिस्तर के अस्पताल को तत्काल प्रारंभ करने, क्षेत्रवासियों को आवासीय पट्टा शीघ्र प्रदान करने तथा बालोद के साथ दल्ली-राजहरा का नाम जोड़कर दल्ली-राजहरा-बालोद जिला बनाए जाने की मांग की. साथ ही जिला खनिज न्यास निधि की 50 प्रतिशत राशि दल्ली-राजहरा एवं आसपास के गांवों के विकास पर खर्च करने की मांग प्रमुखता से उठाई गई.
भव्य तिरंगा यात्रा आज
गुरूर. नगर में मंगलवार को भव्य तिरंगा यात्रा निकाली जाएगी. तिरंगा यात्रा में स्कूलों के छात्र छात्राओं, सामाजिक संगठन, विभिन्न मंडलियों, स्व सहायता समूह, स्काउट गाईड, रेडक्रास के सदस्यों सहित नगरवासी सम्मिलित होंगे. यात्रा बाजार चौक से निकल कर नगर का भ्रमण करते हुए 11 बजे करीब प्रारंभ होगी. तिरंगा यात्रा प्रभारी चन्द्रप्रकाश गांधी, नगर पंचायत अध्यक्ष प्रदीप साहू, विजय मगेन्द्र ने बताया कि तिरंगा यात्रा को लेकर संपूर्ण तैयारी कर ली गई है. आयोजन को लेकर प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन से भी चर्चा उपरांत तैयारी की जा रही है.
बदहाल सड़कों के खिलाफ कांग्रेस करेगी प्रदर्शन
राजनांदगांव. जिला कांग्रेस कमेटी के महामंत्री रितेश जैन ने कहा कि छुरिया क्षेत्र की बदहाल सड़कें भाजपा सरकार के विकास के दावों की पोल खोल रही हैं. चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे करने वाली भाजपा सरकार आज जनता को मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध कराने में पूरी तरह विफल साबित हुई है. उन्होंने कहा कि क्षेत्र की सड़कें इतनी जर्जर हो चुकी हैं कि हर दिन दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है. किसान, छात्र, व्यापारी, कर्मचारी और आम नागरिक वर्षों से परेशानी झेल रहे हैं, लेकिन सरकार और प्रशासन केवल आश्वासन देने में व्यस्त हैं. अनेक बार मांग उठाने और अधिकारियों का ध्यान आकर्षित करने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई. रितेश जैन ने कहा कि जब सरकार जनता की आवाज सुनना बंद कर देती है, तब लोकतांत्रिक आंदोलन ही एकमात्र रास्ता बचता है. इसी उद्देश्य से आज आयोजित बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 11 अगस्त 2026 (मंगलवार) को छुरिया में शांतिपूर्ण चक्काजाम किया जाएगा.
प्रधान आरक्षक की मौत की निष्पक्ष जांच की मांग
खैरागढ़. छुईखदान थाने में पदस्थ रहे प्रधान आरक्षक शीतल यादव की 6 जून को हुई आत्महत्या का मामला एक बार फिर चर्चा में है. मृतक के माता-पिता पुनीत राम यादव और चंपा यादव ने बेटे की मौत की परिस्थितियों पर सवाल उठाते हुए कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष एवं विस्तृत जांच की मांग की है. परिजनों ने घटना से जुड़े लोगों के बयान दर्ज करने के साथ ही घर और आसपास के सीसीटीवी फुटेज मोबाइल कॉल और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कराने का आग्रह किया है. परिजनों ने ज्ञापन में कहा है कि शीतल यादव घटना वाले दिन ड्यूटी पर थे और ड्यूटी पूरी करने के बाद खैरागढ़ स्थित अपने घर लौटे थे. रात में उन्होंने घर के हॉल में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. घटना की जानकारी परिजनों को अगले दिन सुबह करीब 5 बजे मिली. घटना के समय उनका पुत्र लक्षित यादव अपने दादा-दादी के साथ ग्राम तिरगा में था.
परिजनों के अनुसार घटना से कुछ घंटे पहले रात करीब 8 बजे लक्षित यादव फोन पर रो रहा था. पूछने पर उसने बताया कि उसके पिता ने उसे अगले दिन सुबह खैरागढ़ आने के लिए कहा था. परिवार ने जांच एजेंसी से यह स्पष्ट करने की मांग की है कि शीतल यादव ने बेटे को सुबह बुलाने के लिए फोन क्यों किया था और उस दौरान दोनों के बीच क्या बातचीत हुई थी. ज्ञापन में परिजनों ने घटना की रात शीतल यादव के घर पहुंचने के समय को लेकर भी सवाल उठाए हैं. उनका दावा है कि शीतल रात 9 से 10 बजे के बीच घर पहुंच गए थे जबकि उनके अनुसार पत्नी सती यादव ने पुलिस को रात करीब 12 बजे घर आने की जानकारी दी थी. परिजनों ने सीसीटीवी रिकॉर्ड की जांच कर वास्तविक समय का पता लगाने की मांग की है. इसी तरह सुबह करीब 4 बजे की घटनाओं को लेकर भी परिवार ने जांच की मांग की है. परिजनों का दावा है कि उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज में सती यादव के रात में घर से बाहर आने-जाने की गतिविधियां दिखाई देती हैं. परिवार ने फुटेज को जांच में शामिल करने की मांग की है.
मृतक के माता-पिता ने शीतल यादव और सती यादव के बीच कथित मनमुटाव से जुड़े पहलुओं की भी जांच कराने की मांग की है. आवेदन के अनुसार सती यादव 27 अप्रैल को अपने मायके गई थी. शीतल यादव उन्हें वापस लाने के लिए 17 मई को गए थे लेकिन वे उसी दिन वापस नहीं आईं और 20 मई को खैरागढ़ लौटी. परिजनों का कहना है कि इस अवधि में पति-पत्नी के बीच क्या बातचीत या विवाद हुआ इसकी भी जांच होनी चाहिए हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और घटना के वास्तविक कारण जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगे.
पत्नी के बजाय बेटे को अनुकंपा नियुक्ति देने की मांग
परिजनों ने घटना के बाद खैरागढ़ स्थित मकान से जुड़े घटनाक्रम को भी जांच के दायरे में लेने की मांग की है. उनका कहना है कि अंतिम संस्कार और पारिवारिक कार्यक्रमों के बाद सती यादव अपनी बड़ी बहन के घर फुलझर चली गई थीं और मकान की चाबी भी अपने साथ ले गई थीं. बाद में उनके अनुसार कुछ लोग घर पहुंचे. परिवार ने पड़ोसियों से मिली जानकारी और घर में प्रवेश की परिस्थितियों की भी जांच कराने का आग्रह किया है. ज्ञापन में अनुकंपा नियुक्ति का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया है. मृतक के माता-पिता ने पत्नी सती यादव के बजाय पुत्र लक्षित यादव को अनुकंपा नियुक्ति देने की मांग की है. उनका कहना है कि लक्षित अभी नाबालिग है और उसके भविष्य को सुरक्षित करने के लिए नियुक्ति उसके हित में होगी. परिजनों ने यह भी कहा है कि शीतल यादव उनके बुढ़ापे का सहारा थे और परिवार की जिम्मेदारियां संभालते थे. उन्होंने मांग की है कि अनुकंपा नियुक्ति के संबंध में निर्णय लेने से पहले उनका पक्ष भी सुना जाए.
पुलिस का नेम प्लेट लगाकर शराब तस्करी
खैरागढ़. शराब तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत गातापार पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मध्यप्रदेश निर्मित अंग्रेजी शराब की खेप पकड़ी है. खास बात यह है कि शराब तस्करी में इस्तेमाल की जा रही बोलेरो वाहन पर पुलिस का नाम प्लेट लगा हुआ था. पुलिस के अनुसार आरोपी इसी का इस्तेमाल करते हुए शराब की अवैध तस्करी को अंजाम दे रहे थे. नाकेबंदी के दौरान संदिग्ध बोलेरो को रोककर तलाशी लेने पर उसमें 25 पेटी गोवा व्हिस्की बरामद हुई. मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक जब्त शराब की कुल मात्रा 225 बल्क लीटर है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 1 लाख 50 हजार रुपए है. शराब परिवहन में प्रयुक्त बोलेरो वाहन की कीमत करीब 5 लाख रुपए आंकी गई है. इसके अलावा आरोपियों के कब्जे से तीन मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं, जिनकी कीमत करीब 12 हजार रुपए बताई गई है. इस तरह पुलिस ने कुल करीब 6 लाख 62 हजार रुपए का सामान जब्त किया है.
शराब तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए गातापार पुलिस द्वारा क्षेत्र में लगातार निगरानी और नाकेबंदी की जा रही थी. इसी दौरान पुलिस टीम ने एक संदिग्ध बोलेरो वाहन को रोककर जांच की. वाहन पर पुलिस का नाम प्लेट लगा होने से वह प्रथम दृष्टया पुलिस वाहन जैसा प्रतीत हो रहा था. तलाशी लेने पर बोलेरो के अंदर मध्यप्रदेश निर्मित गोवा व्हिस्की की बड़ी खेप मिली. इसके बाद पुलिस ने शराब, वाहन और मोबाइल फोन जब्त कर दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया. पुलिस ने मामले में अंकित कुमार नामदेव (35 वर्ष) पिता आनंद कुमार नामदेव निवासी बीएनके (दण्डकारण्य वार्ड) कॉलोनी कोण्डागांव तथा सुभम सरकार (30 वर्ष) पिता रूप कुमार सरकार निवासी बीएनके (दण्डकारण्य वार्ड) कॉलोनी कोण्डागांव को गिरफ्तार किया है. दोनों आरोपियों के खिलाफ थाना गातापार में अपराध क्रमांक 46/2026 के तहत धारा 34(2) आबकारी एक्ट के अंतर्गत प्रकरण दर्ज किया गया है. पुलिस द्वारा दोनों आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है. शराब तस्करी के लिए बोलेरो वाहन पर पुलिस का नाम प्लेट लगाए जाने की बात सामने आने के बाद मामला और गंभीर हो गया है. पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि आरोपियों ने यह नाम प्लेट कहां से हासिल की और इसके जरिए शराब तस्करी के दौरान पुलिस की पहचान का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जा रहा था. मामले में शराब की सप्लाई और तस्करी से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा सकती है.
अवैध खाद-कीटनाशक कारोबार पर बड़ी कार्रवाई, चार गोदाम सील
भिलाई. खरीफ सीजन 2026 में किसानों को गुणवत्तायुक्त कृषि आदान सामग्री उपलब्ध कराने के लिए कृषि विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पाटन विकासखंड के अमलेश्वर क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित चार गोदामों को सील कर दिया. कार्रवाई के दौरान हजारों लीटर और किलोग्राम कीटनाशक, जैव उर्वरक तथा जैव उत्प्रेरक जब्त किए गए. विभाग को गोदामों में अवैध पैकिंग और एक्सपायरी सामग्री के भंडारण की भी आशंका है.
कलेक्टर अभिजीत सिंह के निर्देश पर उप संचालक कृषि संदीप भोई के नेतृत्व में जिला स्तरीय उड़नदस्ता दल पाटन क्षेत्र में उर्वरक एवं कीटनाशकों की बिक्री और गुणवत्ता की जांच कर रहा था. इसी दौरान वृंदावन नगर, अमलेश्वर स्थित एक गोदाम में कृषि उत्पादों से भरे कार्टन दिखाई देने पर निरीक्षण किया गया. जांच में गोदाम में शिवालय क्रॉप साइंस प्राइवेट लिमिटेड के नाम से विभिन्न कीटनाशक, जैव उत्प्रेरक और कार्बनिक उर्वरकों का भंडारण मिला. निरीक्षण के दौरान गोदाम संचालक आवश्यक लाइसेंस और दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका. जांच में एक्सपायरी डेट वाले उत्पाद, बिना बैच नंबर की सामग्री और विभिन्न प्रकार के कीटनाशक एवं जैव उर्वरक पाए गए. कृषि विभाग ने कीटनाशी अधिनियम 1968 और उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के उल्लंघन पर 5,286 लीटर तथा 4,717 किलोग्राम कीटनाशक और 1,380 लीटर व 1,714 किलोग्राम जैव उर्वरक जब्त कर लिए.

गोदाम से लगे एक अन्य भवन को भी संदेह के आधार पर सील किया गया. अगले दिन भवन खोलने पर वहां से 450 लीटर और 376 किलोग्राम एक्सपायरी कीटनाशक, 1,210 किलोग्राम जैव उत्प्रेरक और बड़ी मात्रा में खाली रैपर और पैकिंग सामग्री बरामद हुई. अधिकारियों ने आशंका जताई कि यहां कृषि आदानों की अवैध पैकिंग की जा रही थी. कार्रवाई के दौरान करीब 50 मीटर दूर स्थित एक अन्य गोदाम की जांच में कॉर्टेक्स एग्रो साइंस प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर अवैध रूप से कीटनाशक और जैव उत्प्रेरकों का भंडारण एवं विक्रय पाया गया. यहां से दो गोदामों में रखे 2,100 लीटर से अधिक कीटनाशक तथा 2,170 किलोग्राम कृषि आदान सामग्री जब्त की गई और दोनों गोदामों को सील कर दिया गया. कृषि विभाग के अनुसार दोनों कंपनियों के चार गोदामों से 50 से अधिक प्रकार के लगभग 10,124 लीटर एवं 1,884 किलोग्राम कीटनाशक और 1,840 लीटर एवं 3,665 किलोग्राम जैव उर्वरक जब्त किए गए हैं. सभी सामग्री के नमूने गुणवत्ता परीक्षण के लिए अधिसूचित प्रयोगशाला भेजे गए हैं तथा संबंधित संचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है. कृषि उपसंचालक दुर्ग संदीप कुमार भोई ने बताया कि किसानों को खाद और कीटनाशकों की कृत्रिम कमी पैदा करने, कालाबाजारी करने या बिना वैध दस्तावेजों के अमानक कृषि आदानों का विक्रय करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी. किसानों से भी अपील है कि कृषि आदान सामग्री के वितरण में किसी प्रकार की अनियमितता मिलने पर इसकी सूचना तत्काल नजदीकी कृषि कार्यालय को दें.
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