Odisha Desk, बारीपदा: ओडिशा के मयूरभंज जिले में 29 अगस्त से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। कम दबाव के क्षेत्र के कारण हो रही इस अनवरत बारिश से जिले में गंभीर बाढ़ का संकट पैदा हो गया है। मयूरभंज के 18 ब्लॉक और बारीपदा नगरपालिका क्षेत्र पानी में डूब गए हैं। नदियां और स्थानीय नाले खतरे के निशान से ऊपर बह रहे हैं, जिससे निचले में पानी भर गया है और आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।

बारिश के कारण कच्चे मकानों के कमजोर होने से दो अलग-अलग घटनाओं में दो महिलाओं की मौत हो गई:

बंगिरिपोसी ब्लॉक: भूलनपुर गांव में 50 वर्षीय लक्ष्मी सिंह अपने बारिश से भीगे घर से सामान निकालने की कोशिश कर रही थीं, तभी मिट्टी की दीवार उन पर गिर गई और दबाने से उनकी मौत हो गई।

तिरिंग ब्लॉक: मटकमाडीही गांव में 45 वर्षीय सिंगा मुर्मू अपने परिवार के साथ सो रही थीं, तभी देर रात घर की कच्ची दीवार ढह गई। मलबे में दबने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस और अग्निशमन सेवा के कर्मचारियों ने शव बरामद कर जांच शुरू कर दी है।

आपदा से निपटने और प्रभावितों तक तुरंत मदद पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन ने बड़े पैमाने पर राहत अभियान शुरू किया है:

बचाव दल की तैनाती: सबसे ज्यादा प्रभावित बड़साही, बेटनोटी, सरसकणा और बारीपदा क्षेत्रों में 2 ओडीआरएएफ (ODRAF) की टीमें और 13 अग्निशमन इकाइयां तैनात की गई हैं।

राहत शिविर और भोजन: बाढ़ प्रभावित इलाकों से अब तक 2,076 लोगों को सुरक्षित निकालकर 11 राहत शिविरों में पहुंचाया गया है। यहां उन्हें पका हुआ भोजन, सूखे राशन के पैकेट और पीने का शुद्ध पानी लगातार दिया जा रहा है।

स्वास्थ्य और पशुधन सहायता: बेघर हुए परिवारों को पॉलिथीन शीट्स बांटी गई हैं। इसके अलावा बीमारियों को फैलने से रोकने के लिए चिकित्सा दल और पशुधन की देखभाल के लिए एक मोबाइल वैन भी काम कर रही है।

प्रारंभिक आकलन के अनुसार, बारिश और बाढ़ से 2 कच्चे मकान पूरी तरह तबाह हो गए हैं, जबकि 130 से अधिक संरचनाएं आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुई हैं। जिला प्रशासन स्थिति पर चौबीसों घंटे निगरानी रख रहा है और जलस्तर घटने के साथ राहत कार्यों में तेजी लाई जा रही है।

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