रायपुर। राजधानी के गंज थाना क्षेत्र में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स और गंज पुलिस की संयुक्त टीम ने 25.27 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) के साथ एक युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी तेलघानी नाका ओवरब्रिज के नीचे बिजली ऑफिस के पास नशीला पदार्थ बेचने के लिए ग्राहक तलाश रहा था। उसके कब्जे से हेरोइन के अलावा इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन और मोबाइल फोन भी मिला है। जब्त सामग्री की कुल कीमत करीब 1 लाख 61 हजार 920 रुपये बताई गई है।

गिरफ्तार युवक की पहचान शेखर राव (उम्र 20 साल) के रूप में हुई है। वह दुर्ग जिले के वैशाली नगर थाना क्षेत्र के कैंप-01 स्थित सुभाष चौक, साईं नगर का रहने वाला है। पुलिस का कहना है कि आरोपी पहले भी हेरोइन से जुड़े मामले में जेल जा चुका है।

मुखबिर से मिली सूचना के बाद घेराबंदी

पुलिस के मुताबिक, एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स को सूचना मिली थी कि गंज थाना क्षेत्र में तेलघानी नाका ओवरब्रिज के नीचे बिजली ऑफिस के पास एक युवक चिट्टा लेकर बिक्री के लिए ग्राहक तलाश रहा है। सूचना मिलने के बाद अधिकारियों ने टीम को मौके पर पहुंचकर जांच करने और संदिग्ध को पकड़ने के निर्देश दिए।

इसके बाद एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स और गंज थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर संदिग्ध युवक की तलाश की। पहचान होने के बाद पुलिस ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से 25.27 ग्राम हेरोइन बरामद हुई।

हेरोइन की कीमत 1.51 लाख रुपये

पुलिस ने आरोपी के कब्जे से बरामद हेरोइन की कीमत करीब 1 लाख 51 हजार 620 रुपये आंकी है। इसके अलावा एक छोटी इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन और मोबाइल फोन भी जब्त किया गया है। इन सभी सामान की कुल कीमत करीब 1 लाख 61 हजार 920 रुपये बताई गई है।

गंज थाने में आरोपी के खिलाफ अपराध दर्ज किया गया है। पुलिस ने नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट की धारा 21(बी) के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया है।

फरवरी में दुर्ग में भी दर्ज हुआ था चिट्टा का मामला

पुलिस के अनुसार, शेखर राव का नाम इससे पहले भी हेरोइन से जुड़े मामले में सामने आ चुका है। फरवरी 2026 में दुर्ग जिले के वैशाली नगर थाने में दर्ज नारकोटिक एक्ट के एक मामले में वह जेल में बंद रह चुका है। पुलिस अब उसके पुराने मामले और मौजूदा गिरफ्तारी से जुड़े तथ्यों की भी जांच कर रही है।

चिट्टा कहां से मिला, सप्लाई नेटवर्क की जांच

गिरफ्तारी के बाद पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है कि उसे हेरोइन कहां से मिली, वह इसे किसे बेचने वाला था और इस कारोबार में उसके साथ अन्य लोग भी जुड़े हैं या नहीं। जांच में नशीले पदार्थ की खरीद, परिवहन और बिक्री से जुड़े नेटवर्क का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।

पुलिस के मुताबिक, सप्लाई के स्रोत और दूसरे संभावित आरोपियों की पहचान के लिए बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज की जांच की जा रही है। जांच के दौरान अन्य लोगों की भूमिका सामने आने पर उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

रायपुर कमिश्नरेट में अब तक 96 NDPS मामले

रायपुर कमिश्नरेट पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक, एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने अब तक NDPS एक्ट के 96 मामलों में 209 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन मामलों में नशीले पदार्थों और अन्य सामग्री समेत कुल 7 करोड़ 26 लाख 23 हजार 520 रुपये की जब्ती का दावा किया गया है।

पुलिस नशीले पदार्थों की बिक्री, तस्करी और सप्लाई में शामिल लोगों पर कार्रवाई के लिए मुखबिरों से मिलने वाली सूचनाओं और निगरानी के आधार पर अभियान चला रही है। गंज थाना क्षेत्र में हुई ताजा कार्रवाई के बाद अब जांच का मुख्य फोकस हेरोइन की सप्लाई के स्रोत और उससे जुड़े नेटवर्क पर है।

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