Rajasthan Cabinet Decision: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई राजस्थान कैबिनेट बैठक में UCC बिल को मंजूरी देने के साथ कर्मचारियों के प्रमोशन और अनुभव में छूट को लेकर भी बड़ा फैसला लिया गया। कैबिनेट बैठक के बाद उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा, संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल, उद्योग राज्य मंत्री केके बिश्नोई और जलदाय मंत्री कन्हैया लाल चौधरी ने फैसलों की जानकारी दी।

UCC Bill को कैबिनेट की मंजूरी

संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने बताया कि कैबिनेट ने समान नागरिक संहिता यानी UCC बिल को मंजूरी दे दी है। सरकार के मुताबिक इसका उद्देश्य विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, भरण-पोषण और लिव-इन रिलेशनशिप से जुड़े नियमों को एक समान, पारदर्शी और व्यवस्थित बनाना है।

मंत्री के अनुसार, UCC से एक देश, एक कानून की अवधारणा को आगे बढ़ाया जाएगा। हालांकि, आदिवासी और अनुसूचित जनजाति समुदायों पर इसके प्रावधान लागू नहीं होंगे।

शादी और तलाक का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य

UCC के तहत विवाह और तलाक का पंजीकरण जरूरी होगा। कानून लागू होने के बाद होने वाले सभी विवाहों का 60 दिनों के भीतर रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा। प्रस्तावित प्रावधानों में बहुविवाह पर प्रतिबंध रहेगा। वहीं उत्तराधिकार से जुड़े मामलों में पिता को भी उत्तराधिकारी बनाया जा सकेगा।

लिव-इन रिलेशनशिप के लिए भी नियम

UCC बिल में लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर भी प्रावधान किए गए हैं। लिव-इन संबंध शुरू करने और खत्म करने की लिखित सूचना या पंजीकरण की व्यवस्था होगी। सरकार के अनुसार, इसका उद्देश्य लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाले दोनों पक्षों के अधिकारों की सुरक्षा करना है। वहीं लिव-इन रिलेशनशिप से जन्मे बच्चे को भी अधिकार दिए जाएंगे।

रजिस्ट्रेशन नहीं कराने पर जुर्माना

प्रावधानों के मुताबिक पंजीकरण नहीं कराने पर 10 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकेगा। नोटिस मिलने के बाद भी नियमों की अनदेखी करने पर 25 हजार रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान होगा।

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