Rajasthan News: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में गुरुवार, 13 अगस्त को जयपुर में हुई राजस्थान कैबिनेट की बैठक में Rajasthan Cabinet Decisions के तहत कई अहम फैसले लिए गए। बैठक में UCC बिल, पर्यावरण संरक्षण, पानी की आपूर्ति, रोजगार और प्रमोशन से जुड़े मुद्दों पर निर्णय लिए गए।

कैबिनेट बैठक के बाद उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा, संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल, उद्योग राज्य मंत्री केके बिश्नोई और जलदाय मंत्री कन्हैया लाल चौधरी ने फैसलों की जानकारी दी। इसी दौरान जलदाय मंत्री ने ग्रामीण क्षेत्रों में पानी के लिए शुल्क लगाए जाने की संभावित व्यवस्था को लेकर भी संकेत दिए।
ग्रामीण क्षेत्रों में पानी के लिए देना पड़ सकता है शुल्क
कैबिनेट बैठक के बाद जलदाय मंत्री कन्हैया लाल चौधरी ने ग्रामीण क्षेत्रों में पानी के शुल्क को लेकर अपनी व्यक्तिगत राय सामने रखी। उन्होंने कहा कि कई जगहों पर लोग 50 रुपये शुल्क लेने की मांग कर रहे हैं।
मंत्री ने कहा कि यदि कम से कम 50 रुपये शुल्क लिया जाता है तो पानी की चोरी रोकने में मदद मिल सकती है। उनका तर्क है कि शुल्क की व्यवस्था होने पर लोग अवैध तरीके से पानी लेने वालों की शिकायत करने के लिए भी आगे आ सकते हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि यदि कोई व्यक्ति पहले हर महीने करीब 2,000 रुपये का पानी का टैंकर लेता था तो उसके लिए 50 रुपये की राशि बड़ी नहीं होगी। उनके मुताबिक, इससे पानी की मॉनिटरिंग बेहतर होगी और लोगों को सही मात्रा में बेहतर गुणवत्ता का पानी मिल सकेगा।
अवैध पानी लेने वालों पर FIR का भी प्रावधान
जलदाय मंत्री ने यह भी बताया कि यदि कोई व्यक्ति अवैध तरीके से पानी लेता है और मना करने के बावजूद ऐसा करना जारी रखता है तो उसके खिलाफ समिति की ओर से FIR करवाने का प्रावधान रखा गया है। हालांकि, 50 रुपये शुल्क लगाए जाने की बात मंत्री ने अपनी व्यक्तिगत राय के तौर पर कही है। इसे अंतिम शुल्क व्यवस्था के रूप में पेश नहीं किया गया है।
ग्रामीण जल आपूर्ति के लिए नई नीति को मंजूरी
कैबिनेट बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों में नल से जल की आपूर्ति को नियमित, स्वच्छ और टिकाऊ बनाए रखने के लिए संचालन एवं संधारण नीति को मंजूरी दी गई। जलदाय मंत्री के मुताबिक, इस नीति में केंद्र सरकार के जल जीवन मिशन 2.0 के दिशा-निर्देशों और उसके सभी 19 प्रमुख घटकों को शामिल किया गया है।
ग्राम पंचायत से राज्य स्तर तक बनेगा 5-स्तरीय ढांचा
नई नीति के तहत ग्राम पंचायत से लेकर राज्य स्तर तक पांच-स्तरीय मजबूत व्यवस्था तैयार की जाएगी। इसका उद्देश्य ग्रामीण इलाकों में जल आपूर्ति के संचालन और रखरखाव को बेहतर बनाना है। सरकार के मुताबिक, इस व्यवस्था से लंबे समय तक जल आपूर्ति को बनाए रखने और ग्रामीण क्षेत्रों में पर्याप्त मात्रा में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
पानी की गुणवत्ता और नियमित सप्लाई पर जोर
नई नीति का फोकस केवल पाइपलाइन के जरिए पानी पहुंचाने तक सीमित नहीं है। इसमें जल आपूर्ति व्यवस्था के संचालन और रखरखाव को व्यवस्थित करने पर भी जोर दिया गया है। सरकार का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को नियमित और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना है, ताकि जल योजनाओं का संचालन लंबे समय तक प्रभावी तरीके से किया जा सके।
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