Rajasthan Cancer Injection Case: राजस्थान के सरकारी कैंसर अस्पतालों में मरीजों के इलाज के लिए सप्लाई किए गए महंगे Avelumab कैंसर इंजेक्शन के दिल्ली के कथित ब्लैक मार्केट में पहुंचने के मामले की जांच में गंभीर अनियमितता सामने आई है। दिल्ली क्राइम ब्रांच द्वारा जब्त किए गए दो इंजेक्शन सैंपलों की कंपनी स्तर पर जांच में दोनों की गुणवत्ता और संरचना पर सवाल उठे हैं। जांच में दोनों सैंपल संक्रमित मिले और उनमें दवा की मात्रा मानक रेफरेंस सैंपल से काफी कम पाई गई।

मामला बीकानेर के आचार्य तुलसी रीजनल कैंसर इंस्टीट्यूट से जुड़ा है। यहां मरीजों के इलाज में इस्तेमाल होने वाले Avelumab इंजेक्शन की कथित अवैध बिक्री का मामला सामने आने के बाद राजस्थान मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड (RMSCL) ने जांच के लिए कमेटी गठित की थी।

दो बैच के इंजेक्शन में मिली गड़बड़ी

जांच में दोनों अलग-अलग बैच के वायल में दवा की मात्रा मानक रेफरेंस सैंपल की तुलना में काफी कम मिली। दोनों नमूनों में सफेद क्रिस्टलीय पदार्थ भी पाया गया। स्टेरिलिटी टेस्ट में दोनों सैंपल संक्रमित पाए गए। इससे इंजेक्शन की गुणवत्ता और सरकारी सप्लाई की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं।

AU052510 बैच में E. coli मिला

AU052510 बैच के सैंपल की जांच में E. coli बैक्टीरिया की मौजूदगी मिली। वायल के रबर स्टॉपर पर पंचर के निशान और कैप पर खरोंच भी पाई गईं। लैब जांच में Avelumab की मौजूदगी तो मिली, लेकिन इसकी मात्रा रेफरेंस उत्पाद की तुलना में काफी कम थी। अन्य रासायनिक घटकों की मात्रा में भी अंतर पाया गया।

AU055861 बैच में Serratia marcescens

दूसरे AU055861 बैच के सैंपल में Serratia marcescens बैक्टीरिया पाया गया। इस वायल में भी Avelumab की मात्रा मानक सैंपल से कम थी। जांच में इसके रासायनिक घटकों की मात्रा में भी अंतर सामने आया।

2770 इंजेक्शन की जांच शुरू

मामला सामने आने के बाद RMSCL ने एहतियाती कदम उठाते हुए सरकारी सप्लाई की जांच शुरू कर दी है। फील्ड में भेजे गए करीब 2,770 इंजेक्शन सैंपल की जांच कराई जा रही है। अब जांच का एक अहम पहलू यह भी है कि सरकारी अस्पतालों के लिए जारी की गई महंगी कैंसर दवा दिल्ली के कथित ब्लैक मार्केट तक कैसे पहुंची।

सप्लाई चेन में छेड़छाड़ की भी जांच

जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि सप्लाई चेन के दौरान इंजेक्शन के साथ किसी तरह की छेड़छाड़ हुई या नहीं। खास तौर पर वायल पर मिले पंचर और खरोंच के निशान भी जांच के दायरे में हैं। मामले में जांच जारी है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

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