Rajasthan High Court Security Breach: राजस्थान हाई कोर्ट की जोधपुर पीठ के इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम में कथित छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। राजस्थान पुलिस के स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) से जुड़े पांच मुकदमों की फाइलें कथित तौर पर सिस्टम से हटा दी गईं, जिसके कारण 5 अगस्त को इन मामलों की सुनवाई नहीं हो सकी।

पुलिस के अनुसार, 31 जुलाई को एक कर्मचारी की आईडी का इस्तेमाल कर सिस्टम में यह छेड़छाड़ की गई। घटना की शिकायत के बाद कुड़ी भगतासनी थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
सुनवाई से पांच दिन पहले हटाई गईं केस फाइलें
राजस्थान पुलिस ने 13 अगस्त को हाई कोर्ट के इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम में हुई कथित छेड़छाड़ की जानकारी दी। पुलिस के मुताबिक, SOG की ओर से दर्ज प्राथमिकी से जुड़े पांच मामलों को कोर्ट के इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम से हटा दिया गया।
बताया गया है कि इसके लिए एक कर्मचारी की आईडी का इस्तेमाल किया गया। केस रिकॉर्ड सिस्टम से हटने के बाद ये मामले सूची से बाहर हो गए। नतीजतन, 5 अगस्त को प्रस्तावित सुनवाई नहीं हो सकी। पुलिस के अनुसार, यह घटना सुनवाई से करीब पांच दिन पहले 31 जुलाई को हुई थी।
कोर्ट के डिजिटल सिस्टम में कैसे होती है कार्यवाही?
राजस्थान हाई कोर्ट में इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम के जरिए कई महत्वपूर्ण न्यायिक प्रक्रियाएं संचालित होती हैं। इसमें ऑनलाइन केस स्टेटस, लाइव डिस्प्ले बोर्ड, ई-फाइलिंग और डिजिटल वाद सूची जैसी सुविधाएं शामिल हैं।
कुछ मामलों में कागज रहित न्यायिक कार्यवाही भी इसी डिजिटल व्यवस्था के माध्यम से संचालित होती है। ऐसे में सिस्टम में किसी तरह की अनधिकृत छेड़छाड़ से मामलों की सूची और सुनवाई प्रभावित हो सकती है।
रजिस्ट्रार की शिकायत पर दर्ज हुआ केस
घटना की जानकारी सामने आने के बाद राजस्थान हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार (न्यायिक) देवेंद्र सिंह भाटी की शिकायत पर पुलिस ने कार्रवाई की। 12 अगस्त को कुड़ी भगतासनी थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने आपराधिक साजिश, चोरी और साइबर अपराध समेत विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है।
कर्मचारी की आईडी के इस्तेमाल से बढ़ा मामला
इस मामले में सबसे अहम बिंदु यह है कि कोर्ट के इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम से केस हटाने के लिए एक कर्मचारी की आईडी का इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई है।
अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि कर्मचारी की आईडी का इस्तेमाल किसने किया और सिस्टम से पांच मामलों की फाइलें हटाने के पीछे किसका हाथ था। जांच में डिजिटल रिकॉर्ड और सिस्टम से जुड़ी जानकारी महत्वपूर्ण हो सकती है।
पुलिस ने शुरू की जांच
कुड़ी भगतासनी थाना प्रभारी सोमकरण के मुताबिक, प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि सिस्टम में कथित छेड़छाड़ किस व्यक्ति ने की और कर्मचारी की आईडी का इस्तेमाल किस तरह किया गया। पुलिस जांच के जरिए पूरे घटनाक्रम और जिम्मेदार व्यक्ति का पता लगाने की कोशिश कर रही है।
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